उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) का कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अपने आखिरी मुकाम पर पहुंचती दिख रही है. समाजवादी पार्टी में हाल में शामिल हुए राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने शुक्रवार शाम गठबंधन को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं यूपी चुनावों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और आरएलडी प्रमुख अजित सिंह से बातचीत की.
गठबंधन का सवाल टाल गए अमर सिंह
वहीं इसके बाद लखनऊ पहुंचते ही ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव से मुलाकात की. इस दौरान मीडिया से बातचीत में अमर सिंह ने कांग्रेस एवं आरएलडी नेताओं से मुलाकात की तो पुष्टि की, लेकिन गठबंधन के सवाल को यह कहते हुए टाल दिया कि इसका फैसला नेताजी और अखिलेश यादव मिलकर लेंगे.
शिवपाल यादव से मुलाकात को लेकर चल रही कयासों को कमतर करने की कोशिश करते हुए अमर सिंह ने कहा, 'शिवपाल जी से हमारी बात होना, कोई खबर का मुद्दा नहीं, मैं कोई मायावती से मिलने तो आया नहीं. शिवपाल जी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और मैं राष्ट्रीय महासचिव हूं.' वहीं कांग्रेस और आरएलडी से मुलाकात के सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के आदेश पर वह चौधरी चरण सिंह पर आयोजित कार्यक्रम में गए. वहीं गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, शरद यादव, एच जी देवेगौड़ा, अजीत सिंह भी थे, तो उनसे मुलाकात हो गई. उन्होंने कहा, ये मुलाकात कोई बहुत बड़ी बात नहीं. मैं छोटा कार्यकर्ता हूं, गठबंधन की बातचीत नेता जी और मुख्यमंत्री जी के स्तर का मामला है.'
बहरहाल अमर सिंह मीडिया में जो भी बोले, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी यूपी चुनाव के लिए गठबंधन पर गहनता से विचार कर रही है. सपा ने कांग्रेस से गठबंधन के लिए उसे 88 सीटों का ऑफर दिया है, जबकि आरएलडी और जेडीयू के लिए 18 सीटें छोड़ने तो तैयार है. इससे पहले यूपी की सत्ताधारी सपा विधानसभा की कुल 403 सीटों में 300 पर खुद लड़ने को अड़ी थी, लेकिन गठबंधन को अंजाम पर पहुंचाने के लिए अब खुद 297 सीटों पर लड़ने को तैयार है.
कुमार अभिषेक