लालरंग की चमचमाती मर्सेडीज बेंज की एक झलक के लिये पत्रकारो और आम लोगों को कई दिन इंतज़ार करना पड़ा. यात्रा के दो दिन पहले दुल्हन की तरह सजे जिस रथ को मीडिया के सामने पेश किया गया वो अपनी पहली यात्रा में ही जवाब दे गई.
बड़े ताम-झाम से जिस मर्सेडीज बेंज रथ से अखिलेश यादव अपनी यात्रा लेकर निकले थे, जिस रथ के लिये न सिर्फ शुभ मुहूर्त तय हुआ बल्कि वास्तु् के हिसाब से उसके निकलने की दिशा भी तय की गई. जिस रथ को हरी झंडी दिखाने के लिए मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव को लाने के कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, उस रथ का पहिया अभी ठीक से घूमा भी नहीं था कि वो थम गया. अखिलेश की यात्रा लोहिया पथ पर ऐसी रुकी कि लाख कोशिशों के बावजूद एक इंच नहीं खिसक पाई.
अखिलेश यादव की समाजवादी विकास यात्रा गुरुवार को लखनऊ के ला मार्टीनियर मैदान से निकली, मुलायम सिंह यादव ने इसे झंडी दिखाकर रवाना किया लेकिन ये रथ ला मार्टेनिर मैदान से मुश्किल से आधे किलोमीटर बढ़ा होगा कि इसने जबाब दे दिया. अखिलेश यादव तब ठीक से इस रथ में सहज भी नहीं हो पाए थे, सिर्फ एक बार ही हैड्रोलिक लिफ्ट का इस्तेमाल कर पाए थे वही हाल अखिलेश की पत्नी डिम्पल यादव का भी था वो भो अभी रथ के भीतर खुद को सहज बनाने की कोशिश में थी कि इस रथ ने दम तोड़ दिया.
मर्सेडीज पर बना ये रथ ऐसा ख़राब हुआ कि कोई मैकेनिक इसे ठीक नहीं कर सका और 10 घंटे बाद भी ये रथ बीच सड़क पर खड़ा रहा और किसी लोकल मैकेनिक से ठीक नहीं हो सका. लोकल इंजीनियर और टेक्निकल लोग नहीं पकड़ पाये कि आखिर रथ के ख़राब होने की वजह क्या है. रथ को सही करने के लिए मर्सेडीज़ कंपनी के एक्सपर्ट दिल्ली से लखनऊ रवाना किए गए.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके ड्राइवर की वजह से ये रथ ख़राब हुआ क्योंकि ड्राइवर ने हैण्ड ब्रेक लगा कर गाड़ी चला दी, जिससे इस गाड़ी की क्लच प्लेट जल गई और गाड़ी जहां रुकी तो फिर एक इंच भी नहीं बढ़ पाई. इस रथ को चंडीगढ़ की एक कंपनी ने न सिर्फ डिजाइन किया बल्कि इसे तैयार भी किया लेकिन ड्राइवर की गलती ने रथ यात्रा की शुरुआत को ही मजाक का विषय बना दिया. चंडीगढ़ की ये कंपनी पहले भी 4 ऐसे रथ अलग-अलग पार्टियों के लिए बना चुकी है लेकिन अखिलेश यादव के रथ ने ऐसी भद पिटवाई कि अब शायद ही कोई रथ को इतने नाज़ नखरों से निकाले.
सबा नाज़ / कुमार अभिषेक