उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में चार विधानसभा सीटें हैं जिनमें से एक विधानसभा सीट है मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट. ये विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. यह मऊ जिले की एकमात्र सुरक्षित सीट है. मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट मऊ की एकमात्र संसदीय सीट घोसी लोकसभा सीट के तहत आती है.
यूपी विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय शेष बचा है, ऐसे में अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से चुनावी समीकरण सेट करने में जुटे हैं. मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र को देवर्षि देवल की तपोभूमि भी कहा जाता है और हर साल देवलास का मेला भी लगता है. इस विधानसभा क्षेत्र में एक स्थान करहा है जो बाबा घनश्याम दास की भूमि है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट की सियासी पृष्ठभूमि की बात करें तो 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर बैजनाथ पासवान विजयी रहे थे. बैजनाथ पासवान को 52691 वोट मिले थे. इस सीट पर सपा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला रहा है. मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट के लिए 1989 के बाद हुए आठ विधानसभा चुनाव में तीन बार बीजेपी और तीन ही बार बसपा को जीत मिली है. दो दफे सपा भी विजय हासिल करने में सफल रही है.
2017 का जनादेश
मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने श्रीराम सोनकर को टिकट दिया. बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे श्रीराम सोनकर को बसपा के राजेंद्र कुमार ने कड़ी टक्कर दी. श्रीराम सोनकर 538 वोट के करीबी अंतर जीत सके. बीजेपी के श्रीराम को 73493 और बसपा के राजेंद्र कुमार को 72955 वोट मिले.
सामाजिक ताना-बाना
मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट के लिए 2017 के चुनाव की वोटर लिस्ट के मुताबिक 3 लाख 57 हजार 208 वोटर थे जिनमें 1 लाख 92 हजार 794 पुरुष और 1 लाख 64 हजार 436 महिला वोटर थे. इस समय मतदाताओं की संख्या करीब चार लाख पहुंच गई है. जातिगत समीकरणों की बात करें तो सबसे अधिक तादाद दलित मतदाताओं की है. अनुमानों के मुताबिक दलित के बाद यादव, मुस्लिम, वैश्य, ठाकुर और चौहान वोटर का नंबर आता है. राजभर, ब्राह्मण और भूमिहार वोटर भी चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
मुहम्मदाबाद गोहना सीट से विधायक बीजेपी के श्रीराम सोनकर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे. वे क्षेत्र में काफी विकास कार्य कराने का दावा कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दलों के लोग दावों को महज दावा बता रहे हैं. बीजेपी विधायक को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में भी नाराजगी नजर आ रही है.
दुर्गाकिंकर सिंह