UP Election: पंचायत आज तक लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे जैसे भी हों बहुजन समाज पार्टी किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने इस बात को खारिज किया कि दलित युवाओं का आकर्षण भीम आर्मी की ओर है. कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या बहुजन समाज पार्टी ने समय के साथ अपने आप को अपडेट नहीं किया, इसलिए दलित युवा अब अपना भविष्य बहुजन समाज पार्टी के साथ न जोड़कर भीम आर्मी के साथ देखते हैं.
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसमें कोई तथ्य नहीं है. अपने उत्तर को समझाते हुए सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, "पूरे उत्तर प्रदेश में, चाहें वो भीम आर्मी के पूर्व अध्यक्ष हों, या फिर दूसरे लोग सबके सब ने, हजारों की संख्या में युवाओं ने भीम आर्मी को तिलांजलि दे दी है, इन सभी लोगों ने बहन मायावती को फिर से सीएम बनाने के लिए बीएसपी की सदस्यता ली है, और इसके लिए शपथ लिया है. हमारे दलित समाज के ये भाई बहन ट्विटर पर एक्टिव हैं और बहन मायावती को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जितना भी वो कुछ कर सकते हैं वो कर रहे हैं."
सतीश चंद्र मिश्रा ने पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रचार कर पाएगी, क्या वो इसके लिए तैयार हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मजबूरी हैं...यूं तो हमें हर जिले में मीटिंग करनी थी, लेकिन अब नहीं कर सकते हैं, चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक प्रचार पर बैन लगा दिया है, 15 जनवरी को बहन मायावती का जन्मदिन है, इस दिन का हमारे लिए बड़ा महत्व है. पूरे प्रदेश में लोग जन्मदिन मनाते हैं. लोग अपने घरों में बहन मायावती का जन्मदिन जरूर मनाएंगे.
बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि समाजवादी पार्टी भले ही जो चाहती हो लेकिन हमें डिजिटल प्रचार का कोई नुकसान नहीं है. चुनाव आयोग ने 5-5 लोगों को घर घर जाने की अनुमति दी है, हमारे लोग तो पहले से ही जा रहे हैं, आगे भी जाएंगे. ये लोग नहीं पहुंच पाएंगे, लेकिन हमारे कार्यकर्ता पहुंच जाएंगे.
बीएसपी विधायकों द्वारा पार्टी छोड़ने की बात पर सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि हमारी पार्टी अनुशासन में विश्वास करती है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई की गई है. आप इतिहास देख लीजिए जो हमें धोखा देकर गए हैं कहीं के नहीं रह गए हैं. उन्होंने कहा कि नेता भले ही दूसरी पार्टी में चले जाते हों, लेकिन वोटर और सपोर्टर यही रह जाता है.
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