अभिनेता से नेता बने ए. विजयकांत की पार्टी डीएमडीके मंगलवार को फूट की शिकार हो गई. अगले माह होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक (डीएमके) के साथ गठबंधन की मांग करने की वजह से कई नेताओं को मंगलवार को पार्टी से निकाल दिया गया. विजयकांत ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने प्रचार सचिव वी. सी. चंद्रकुमार, एक विधायक और जिले के कुछ नेताओं को पार्टी को बदनाम करने वाला काम करने की वजह से तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया है.
पार्टी विरोधी बयान को लेकर कार्रवाई
विजयकांत ने निष्कासन की यह कार्रवाई तब की जब चंद्रकुमार एवं अन्य नेताओं ने मीडिया से कहा कि डीएमडीके को हर हाल में कर लेना चाहिए और चार दलों वाले पीपुल्स वेलफेयर फ्रंट (पीडब्ल्यूएफ) से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए.
डीएमके से गठबंधन की दी थी सलाह
चंद्रकुमार ने कहा, 'पीडब्ल्यूएफ से गठबंधन विजयकांत का पारिवारिक फैसला था. इसके लिए उन्होंने पार्टी के नेताओं या कार्यकर्ताओं से सलाह नहीं ली थी.' उन्होंने कहा कि अगले माह होने वाले चुनाव में को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए पार्टी के नेताओं ने विजयकांत से कहा है कि उन्हें द्रमुक के साथ गठबंधन करना चाहिए.
गठबंधन के अगुवा हैं विजयकांत
गत 23 मार्च को विजयकांत ने पीडब्ल्यूएफ के साथ गठबंधन करने की घोषणा की थी. इस गठबंधन में दो कम्युनिस्ट दल हैं, दलित पार्टी वीसीके और वाइको की एमडीएमके है. इस ने विजयकांत को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है. समझौते के तहत डीएमडीके राज्य की 234 सीटों में से 124 पर उम्मीदवार खड़ा करेगी. बाकी सीटों पर पीडब्ल्यूएफ के अन्य घटक दल प्रत्याशी उतारेंगे.
हैं एक साथ
कांग्रेस के साथ सोमवार को समझौते पर अंतिम मुहर लगाने के बाद द्रमुक ने कहा कि अब गठबंधन में और दलों के लिए गुंजाइश नहीं है.
इनपुट..IANS.
संदीप कुमार सिंह