तमिलनाडुः आचार संहिता उल्लंघन में वाइको को चुनाव आयोग का नोटिस

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को चुनाव आयोग ने वाइको को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में कारण बताओ नोटिस दिया. एमडीएमके के महासचिव और पीपुल्स वेलफेयर फ्रेंट के समन्वयक पर 23 अप्रैल को अरियालूर रैली के दौरान जातीय भावनाओं को भड़काने का आरोप है.

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वाइको पर है जातीय भावना भड़काने का आरोप वाइको पर है जातीय भावना भड़काने का आरोप

केशव कुमार

  • चेन्नई,
  • 15 मई 2016,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को चुनाव आयोग ने वाइको को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में कारण बताओ नोटिस दिया. एमडीएमके के महासचिव और पीपुल्स वेलफेयर फ्रेंट के समन्वयक पर 23 अप्रैल को अरियालूर रैली के दौरान जातीय भावनाओं को भड़काने का आरोप है.

जातीय भावना भड़काने का आरोप
आयोग ने कहा है कि वाइको का बयान दो जाति के बीच तनाव बढ़ाने वाला हो सकता है. इसलिए उनको कारण बताओ नोटिस दिया गया है. आयोग ने उनसे पूछा है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में उनपर कार्रवाई क्यों नहीं की जाए.

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आयोग ने जब्त की 100 करोड़ से अधिक बेनामी रकम
इसके पहले आयोग ने राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान एक सौ करोड़ रुपये से अधिक की है. हाल में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े राज्य तमिलनाडु में विपक्षी दल एआईएडीएमके और डीएमके ने सत्ता में रही पार्टी पर वोटरों को लुभाने के लिए धन बल का सहारा लेने का आरोप लगाया है.

जयललिता और करुणानिधि को भी नोटिस
इसके पहले चुनाव आयोग ने अन्नाद्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम. करुणानिधि को आचार संहिता उल्लंघन मामले को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. आयोग ने कहा कि इनके चुनावी घोषणापत्र आचार संहिता का पूरी तरह से पालन नहीं करते हैं.

घोषणापत्र पर देना है दोनों नेताओं को जवाब
दोनों नोटिस लगभग एक जैसे हैं. जिसमें कहा गया है कि दोनों दल के घोषणापत्र पहली नजर में आयोग के दिशानिर्देशों को पूरी तरह पूरा नहीं करते. दोनों को आयोग के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर अपने रूख को स्पष्ट करना है. साथ ही इन दलों को में किए गए वादों का औचित्य बताना है. राज्य में सोमवार को चुनाव होना है.

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