Ludhiana West Assembly Seat: लुधियाना पश्चिम में क्या इस बार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगा पाएगी AAP?

लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट: भाजपा भी हमेशा की तरह इस हलके से कमजोर ही नजर आ रही है. इस सीट पर भी मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ही दिखाई दे रहा है.

Advertisement
Punjab Assembly Election 2022( Ludhiana West Assembly Seat) Punjab Assembly Election 2022( Ludhiana West Assembly Seat)

aajtak.in

  • लुधियाना,
  • 18 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST
  • कांग्रेस के भारत भूषण आशू हैं वर्तमान विधायक
  • AAP को बड़ी मार्जिन से हराया था
  • अकाली-बीजेपी गठबंधन नहीं होने से AAP मजबूत

Punjab Assembly Election 2022: लुधियाना शहर की पश्चिमी सीट पर 2017 में कांग्रेस के भारत भूषण आशू ने AAP उम्मीदवार अहबाब सिंह ग्रेवाल को बड़ी मार्जिन से हराया था. गौरतलब है कि भारत भूषण आशू लगातार दूसरी बार यहां से विधायक चुने गए हैं. इस हलके से पिछले लगभग 30 वर्षों के दौरान दो बार ही अकाली भाजपा गठबंधन जीत हासिल कर पायी है.

Advertisement

वहीं कांग्रेसी उम्मीदवार यहां से हमेशा जीत हासिल करते आए हैं. 2017 में भारत भूषण आशू को 66627 वोट, आम आदमी पार्टी के अहबाब ग्रेवाल को 30106 और अकाली भाजपा के कमल चैटली को 22,620 मत हासिल हुए थे. अब जबकि अकाली-भाजपा का गठबंधन टूट चुका है और अकाली दल ने बसपा के साथ गठबंधन कर लिया है जिससे अकाली दल की हालत पतली नजर आ रही है.

भाजपा भी हमेशा की तरह इस हलके से कमजोर ही नजर आ रही है. इस सीट पर भी मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ही दिखाई दे रहा है. लेकिन कांग्रेस के भारत भूषण आशू जो मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं उनकी पोजीशन पहले की तरह ही मजबूत बनी हुई है.

पॉश इलाका होने के कारण यहां समस्याएं कुछ ज्यादा नहीं है. इस इलाके में पार्क और सड़कों का निर्माण बहुत तेजी से किया गया है. अगर भारत भूषण आशू के खिलाफ कुछ आता है तो वह एंटी इनकंबेंसी फैक्टर ही जाता है.

Advertisement

और पढ़ें- Zaidpur Assembly Seat: इस VVIP सीट पर कांग्रेस का था दबदबा, अभी SP के हैं विधायक

पिछले तीन दशकों से इस सीट पर दो बार अकाली दल ही जीता है लेकिन जब सीटों का बंटवारा अकाली दल और भाजपा के बीच में होता था तो इस सीट पर भाजपा अपना उम्मीदवार  हमेशा उतारा करती थी और उसी के उम्मीदवार यहां से चुनाव लड़ते थे और उन्हें हर बार हार का मुंह देखना पड़ता था. भारत भूषण आशू 50 वर्ष के हैं उनकी पत्नी ममता शर्मा पार्षद है उनके चचेरे भाई भी पार्षद है उनकी 2 बेटियां और एक बेटा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement