Punjab Congress Fight: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन एक तरह से शुरू हो गया है. लेकिन कांग्रेस पार्टी में अभी भी घमासान जारी है. नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद से पार्टी पर संकट आया है, तो अब एक नई चुनौती पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह देने के लिए तैयार हैं. अमरिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि अब वह कांग्रेस में नहीं रहेंगे. माना जा रहा है कि अमरिंदर किसी दल में ना जाकर अपना नया मोर्चा या पार्टी बना सकते हैं.
कांग्रेस में रहेंगे नहीं, बीजेपी में जाएंगे नहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले दो दिनों से राजधानी दिल्ली में ही थे, जहां उनकी लगातार कई बैठकें हुई. पहले गृह मंत्री अमित शाह और बाद में एनएसए अजित डोभाल से कैप्टन ने मुलाकात की. कई तरह के कयास लग रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.
लेकिन गुरुवार को उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ये भी कहा कि अब वह कांग्रेस में नहीं रह सकते हैं, क्योंकि जो अपमान किया जा रहा है वो इसे स्वीकार नहीं करेंगे. लेकिन वह भाजपा में भी शामिल नहीं हो रहे हैं.
तो अब क्या करेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह?
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद और पार्टी छोड़ने का ऐलान करने के बाद 80 साल के कैप्टन अमरिंदर सिंह अब एकला चलो रे के मिशन पर काम कर सकते हैं. सूत्रों की मानें, तो कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. अगले दो से तीन हफ्ते में इसका ऐलान हो सकता है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने समर्थकों से चर्चा कर रहे हैं, जल्द ही वह इसको लेकर रणनीति सामने रखेंगे. नए मिशन के तहत कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के किसान नेताओं, कांग्रेस में नाराज चल रहे नेताओं और अन्य ऐसे नेताओं को साथ लाने की कोशिश करेंगे जो उनके समर्थक रहे हैं.
साफ है कि कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक लड़ाई पहले ही उनके लिए मुश्किल पैदा कर रही है, अब कैप्टन अमरिंदर सिंह का अलग होकर इस तरह मोर्चा खोलना भी भारी पड़ सकता है. अमरिंदर सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वो उन्हें जीतने नहीं देंगे.
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