मध्य प्रदेश की ग्वालियर लोकसभा सीट पर 12 मई को छठवें चरण में वोट डाले गए. यहां पर इस बार के चुनाव में 59.80 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया है, जबकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 52.66 प्रतिशत मतदान हुआ था. इस बार वोटिंग प्रतिशत में करीब सात फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है.
इस लोकसभा चुनाव में छठवें चरण में 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोट डाले गए और कुल 64.39 फीसदी वोटिंग रिकॉर्ड की गई. इस दौरान चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी.
अब 23 मई को सभी लोकसभा सीटों पर एक साथ मतगणना होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे. सागर लोकसभा सीट से कुल 18 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार ग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने अशोक सिंह को टिकट दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने विवेक नारायण शेजवार पर दांव लगाया है.
इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी से ममता बलवीर सिंह कुशवाहा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया से गीता रानी कुशवाहा, भारत प्रभात पार्टी से जितेंद्र जैन, परिवर्तन समाज पार्टी से नंदकिशोर साहू, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया से नारायण नामदेव, राष्ट्रीय शोषित पार्टी से प्राण सिंह पाल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से ब्रिज मोहन, राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी से विष्णुकांत, जन अधिकार पार्टी से सुग्रीव सिंह कुशवाहा, सोशलिस्ट यूनिटी ऑफ इंडिया से कामरेड सुनील गोपाल, आजाद भारती पार्टी से हनुमंत सिंह चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं.
वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों में अशोक खान, केशव राय चौधरी, गोविंद सिंह, दीपक कुमार बंसल और सोबरन सिंह का नाम शामिल हैं.
मध्य प्रदेश की ग्वालियर लोकसभा सीट सिंधिया परिवार का गढ़ मानी जाती है. ग्वालियर को राज्य का सबसे प्रभावशाली संसदीय क्षेत्र भी माना जाता है. ग्वालियर सीट पर अधिकतर समय सिंधिया राजघराने का ही राज रहा है. मध्य प्रदेश की यह सीट राज्य ही नहीं, बल्कि देश की वीवीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट से देश के कई दिग्गज चुनाव लड़कर संसद पहुंच चुके हैं. फिलहाल मोदी सरकार में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर यहां के सांसद हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें यहां से न उतारकर मुरैना से उतारने का फैसला किया है.
2014 का जनादेश
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के अशोक सिंह को शिकस्त दी थी. इस चुनाव में तोमर को जहां 4 लाख 42 हजार 796 (44.69 फीसदी) वोट मिले थे, जबकि अशोक सिंह को 4 लाख 13 हजार 97 (41.69 फीसदी) वोटों से संतोष करना पड़ा था. दोनों के बीच हार जीत का अंतर 29 हजार 699 वोटों का था. वहीं बसपा 6.88 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थी.
2009 का जनादेश
साल 2009 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया की बहन यशोदाराजे सिंधिया यहां से चुनाव जीती थीं. उन्होंने कांग्रेस के अशोक सिंह को हराया था. इस चुनाव में यशोदाराजे सिंधिया को 2 लाख 52 हजार 314 (43.19 फीसदी) वोट मिले थे, तो वहीं अशोक सिंह को 2 लाख 25 हजार 723 (38.64 फीसदी) वोट मिले थे. सिंधिया ने अशोक सिंह को 26 हजार 591 वोटों से मात दी थी. वहीं बसपा 13.09 फीसदी वोटों के साथ इस बार भी तीसरे स्थान पर रही थी.
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सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के मुताबिक ग्वालियर की जनसंख्या 27 लाख 30 हजार 472 है. यहां की 51.04 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र और 48.96 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है. ग्वालियर में 19.59 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति और 5.5 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति के समुदाय के लोगों की है.
चुनाव आयोग के मुताबिक 2014 के चुनाव में यहां पर यहां पर 18 लाख 77 हजार 3 मतदाता हैं. इनमें से 10 लाख 24 हजार 155 पुरूष और 8 लाख 52 हजार 848 महिला मतदाता हैं.
बता दें कि चुनाव आयोग देश की 543 लोकसभा सीटों पर 7 चरणों में चुनाव करा रहा है. छठवें चरण के लिए 16 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया गया था. इसके बाद 23 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी. 24 अप्रैल को स्क्रूटनी के बाद 12 मई को वोटिंग हुई थी. इन सभी सातों चरणों के मतदान के नतीजे 23 मई को आएंगे.
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राहुल झारिया