झालावाड़-बारां सीट: वसुंधरा का गढ़, 72.03 फीसदी हुआ मतदान

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में झालावाड़-बारां सीट पर 67.5 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें बीजेपी को 59 फीसदी और कांग्रेस को 34.4 फीसदी वोट मिले थे. इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 2,81,546 मतों के भारी अंतर से पराजित किया.

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वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह (PTI) वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह (PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह इलाका है और वर्तमान में राजे के बेटे दुष्यंत सिंह यहां से सांसद हैं. आजादी के बाद यह सीट सिर्फ झालावाड़ थी लेकिन 2008 के परिसीमन में झालावाड़ जिले की 4 और बारां जिले की 4 विधानसभा सीटों को मिलाकर झालावाड़ा-बारां संसदीय क्षेत्र का गठन किया गया. यहां अब तक हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बीजेपी ने 8 बार जीत दर्ज की. 1989 से लगातार इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है. वहीं कांग्रेस ने 4 बार, भारतीय जनसंघ ने 2 बार, भारतीय लोकदल ने 1 बार और जनता पार्टी ने 1 बार इस सीट पर कब्जा जमाया. निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस सीट पर 72.03 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.

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इस बार लोकसभा चुनाव में 7 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 4 निर्दलीय हैं. तीन प्रमुख पार्टियों में बीजेपी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने अपने अपने प्रत्याशी उतारे हैं. बीजेपी की तरफ से दुष्यंत सिंह, कांग्रेस से प्रमोद शर्मा और बहुजन समाज पार्टी से बद्री लाल उम्मीदवार हैं.

1989 से 1999 तक लगातार 5 बार वसुंधरा राजे यहां से सांसद बनीं. तो वहीं राज्य की राजनीति में राजे की एंट्री के बाद 2004 से 2014 तब लगातार 3 बार से वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह यहां से सांसद हैं. झालावाड़-बारां संसदीय सीट झालावाड़ और बारां जिले को मिलाकर बनाई गई है. यह लोकसभा क्षेत्र राजस्थान के कोटा संभाग के अंतर्गत आता है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां कि आबादी 26,34,085 है जिसका 81.64 प्रतिशत हिस्सा शहरी और 18.36 प्रतिशत शहरी है. वहीं कुल आबादी का 17.65 फीसदी अनुसूचित जाति और 17.43 फीसदी अनुसूचित जनजाति हैं. साल 2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 16,69,842 है जिसमें 8,68,977 पुरुष और 8,00,865 महिला मतदाता हैं.

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झालावाड़-बारां सीट पर गुर्जरों का खासा प्रभाव है, इसके बाद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, जैन और मुस्लिम समुदायों का वोट निर्णायक माना जाता है. झालावाड़-बारां के अंतर्गत आने वाली 8 विधानसभा सीटों पर पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया. जबकि कांग्रेस 3 सीट जीतने में कामयाब रही. बीजेपी ने इस चुनाव में झालावाड़ जिले की चारों सीटें-डग, झालरापाटन, खानपुर और मनोहर थाना और बारां जिले की छबड़ा सीट पर कब्जा जमाया. वहीं कांग्रेस के खाते में बारां जिले की अंता, किशनगंज और बारां-अटरू आईं.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में झालावाड़-बारां सीट पर 67.5 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें बीजेपी को 59 फीसदी और कांग्रेस को 34.4 फीसदी वोट मिले थे. इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 2,81,546 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. बीजेपी से दुष्यंत सिंह को 6,76,102 और कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 3,94,556 वोट मिले थे.

देश में चुनाव सात चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई तक चुनाव हो रहे हैं और मतों की गिनती 23 मई को होगी. ढाई महीने तक चलने वाली इस चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं के सामने विकल्प होगा कि वे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन को दोबारा चुनें या फिर किसी दूसरे विकल्प को. राजस्थान में चौथे चरण में 13 सीटों पर मतदान होंगे. इसके साथ ही चौथे चरण के दौरान 29 अप्रैल को नौ राज्यों की 71 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. इन राज्यों में बिहार (5), जम्मू एवं कश्मीर (1), झारखंड (3), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (17), ओडिशा (6), राजस्थान (13), उत्तर प्रदेश (13) और पश्चिम बंगाल (8) शामिल हैं.

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