हरियाणा: वो पांच विधायक जिनकी बगावत ने BJP से छीन लिया बहुमत

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में 75 पार नारे के साथ मैदान में उतरी बीजेपी के अरमानों पर पानी फिर गया है. बीजेपी के बहुमत की राह में उसके ही नेता रोड़ा बने हैं. हरियाणा की सत्ता की चाबी जिन 6 निर्दलीय विधायकों के हाथ में है, उनमें से चार वह हैं जिन्हें बीजेपी टिकट देने में नजर अंदाज कर गई.

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

  • हरियाणा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं
  • हरियाणा के सत्ता की चाबी निर्दलीय के हाथ
  • बीजेपी के बागी बने खट्टर की राह में रोड़ा

हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को तगड़ा झटका लगा है. हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में 75 पार नारे के साथ मैदान में उतरी बीजेपी के अरमानों पर पानी फिर गया है. बीजेपी के बहुमत की राह में उसके ही नेता रोड़ा बने हैं. हरियाणा की सत्ता की चाबी जिन 6 निर्दलीय विधायकों के हाथ में है, उनमें से चार वह हैं जिन्हें बीजेपी टिकट देने में नजर अंदाज कर गई.

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हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 40, कांग्रेस को 30, जेजेपी को 10, निर्दलीय को 6 और अन्य को चार सीटें मिलती दिख रही हैं. जबकि, बहुमत के लिए 46 विधायक चाहिए. इस तरह से हरियाणा में बीजेपी को दूसरी बार सरकार बनाने के लिए निर्दलीय विधायकों के सहयोग की जरूरत पड़ेगी.

पृथला: नयन पाल रावत

फरीदाबाद की पृथला सीट से निर्दलीय नयन पाल रावत ने 16429 वोटों से जीत हासिल की है. 2014 में नयन पाल रावत ने बीजेपी के टिकट पर किस्मत आजमाई थी और दूसरे नंबर पर रहे थे. इस बार के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट न देकर बसपा से आए टेकचंद शर्मा को दिया था. ऐसे में नयन पाल रावत ने निर्दलीय उतरकर जीत दर्ज की है.

दादरी:सोमबीर

दादरी विधानसभा सीट से निर्दलीय सोमबीर सांगवान ने 14080 वोटों ने जीत दर्ज की है. सोमबीर सांगवान बीजेपी द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज होकर निर्दलीय मैदान में उतरकर विधायक बने हैं. 2014 में सोमबीर बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़े थे, लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी ने सोमबीर सांगवान की जगह बबीता फोगाट को उतारा था जो तीसरे नंबर पर रहीं.

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महम:बलराज कुंडू

महम विधानसभा सीट से निर्दलीय बलराज कुंडू ने जीत दर्ज की है. बलराज कुंडू भी टिकट न मिलने के चलते बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे थे. बीजेपी ने कुंडू की जगह महम सीट से शमशेर खरकड़ा को टिकट दिया था.

पुंडरी: रणधीर सिंह गोलन

पुंडरी विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रणधीर सिंह  गोलन ने जीत दर्ज की है. गोलन ने भी बीजेपी की ओर से टिकट न मिलने से नाराज होकर बागी रुख अपनाया था. जबकि 2014 में पुंडरी सीट से गोलन बीजेपी के प्रत्याशी थे. इसके बावजूद बीजेपी ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया था. हालांकि महम सीट पर अभी तक 6 बार निर्दलीय जीतने में सफल रहे थे.

बादशाहपुर-रानिया

बादशाहपुर विधानसभा सीट पर निर्दलीय राकेश दौलताबाद ने जीत दर्ज की है. वो इस सीट पर दूसरी बार निर्दलीय मैदान में उतरे थे. ऐसे ही रानिया विधानसभा सीट पर निर्दलीय रंजीत सिंह ने जीत दर्ज की है. रंजीत सिंह कांग्रेस से बगावत कर मैदान में उतरे थे. 2009 से रंजीत सिंह इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते रहे हैं.

सिरसा:गोपाल कांडा

सिरसा विधानसभा सीट पर गोपाल कांडा अपनी हरियाणा लोकहित पार्टी के तौर पर बढ़त बनाए हुए हैं. गोपाल कांडा कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे और हुड्डा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. लेकिन विवादों में नाम आने के चलते कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

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