गुजरात में BJP की रणनीति पर शत्रुघ्न सिन्हा का सवाल- विकास के बजाय नेता के धर्म पर है फोकस

सिन्हा ने अगले ट्वीट में कहा कि और दूसरी ओर इसके जवाब में लोग हमारे नेता का ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र मांग रहे हैं. साथ ही उनकी क्षमताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं. ये सब कितना मायने रखता है? ये किस तरह तुच्छ और शर्मनाक माहौल है?

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बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:07 PM IST

बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने गुजरात चुनाव में पार्टी की रणनीति पर कड़े सवाल पूछे हैं. सिन्हा ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि हम क्या कर रहे हैं और गुजरात में हम किधर जा रहे हैं, मान्यवर? आपके हमारे लोग विकास, आर्थिक प्रगति के साथ गुजरात और देश की भलाई की बात करने के बजाय एक नेता के धर्म पर सवाल उठाने पर अपना पूरा ध्यान लगाए हुए हैं और सर्टिफिकेट दे रहे हैं.

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सिन्हा ने अगले ट्वीट में कहा कि और दूसरी ओर इसके जवाब में लोग हमारे नेता का ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र मांग रहे हैं. साथ ही उनकी क्षमताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं. ये सब कितना मायने रखता है? ये किस तरह तुच्छ और शर्मनाक माहौल है?

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मुखर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि प्रगति और विकास के मुद्दे को केंद्र में रखने के बजाय हमारा फोकस कुछ और है. हमें अपने उन वादों पर फोकस करना चाहिए जो हमने गुजरात की जनता से किए हैं. ताकि गुजरात मॉडल सफल बने यदि ऐसा कोई मॉडल है. सिन्हा ने आगे कहा कि हमें अपने असली एजेंडे के साथ आगे बढ़ना चाहिए और वो एजेंडा केवल . भले ही इसमें नोटबंदी और जटिल जीएसटी के चलते समस्या आ रही हो.

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बता दें कि सोमनाथ मंदिर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दर्शन के बाद गैर हिंदू रजिस्टर में हस्ताक्षर को लेकर बवाल खड़ा हो गया था. बीजेपी ने राहुल पर गैर हिंदू होने का आरोप लगाया, तो राहुल ने इसे बीजेपी की साजिश बताया है. गुरुवार की शाम को में राहुल ने कहा कि मैंने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे, गैर हिंदू वाले दूसरे रजिस्टर पर बीजेपी के लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. हालांकि बीजेपी ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है.

इससे पहले गुरुवार को भी शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि क्या ये सही है किदुनिया के 20 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में 13 भारत के हैं. मुझे आश्चर्य है कि हम अपने पूर्व प्रधानमंत्री को मौनी बाबा क्यों कहते थे. हमारी खुद की लीडरशिप किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है.

सिन्हा ने कहा कि दिल्ली से लेकर पटना तक प्रदूषण फैला हुआ है. लेकिन हमें एक शब्द सुनने को नहीं मिला है. चाहे वो पद्मावती जैसा मामला हो या गौ रक्षकों के बढ़ते आतंक का मामला या फिर रेड राज के उदय के बाद लोकतंत्र में फैली असहजता को लेकर भी एक शब्द सुनने को नहीं मिला है.

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