कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को TMC की दूसरी चिट्ठी, अपील प्रक्रिया में बड़े बदलाव की मांग

कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को टीएमसी ने दूसरी चिट्ठी लिखकर अपील प्रक्रिया में सुधार की मांग की है. पार्टी का सुझाव है कि अपील जमा करने की सुविधा केवल डीएम ऑफिस तक सीमित न रहे, बल्कि इसे ब्लॉक स्तर तक बढ़ाया जाए. इसके अलावा, आवेदन रिजेक्ट होने का कारण बताने, ऑनलाइन पोर्टल पर डॉक्यूमेंट अपलोड करने और सुनवाई के नतीजों को पब्लिश करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं.

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सिर्फ DM नहीं, BDO ऑफिस में भी जमा हों अपील: हाईकोर्ट से TMC की मांग (File Photo) सिर्फ DM नहीं, BDO ऑफिस में भी जमा हों अपील: हाईकोर्ट से TMC की मांग (File Photo)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक और पत्र भेजा है. सुप्रीम कोर्ट के 10 मार्च 2026 के आदेश के बाद, चीफ जस्टिस ने बंगाल के सभी जिलों में अपीलों की सुनवाई के लिए 19 ट्रिब्यूनल नोटिफाई किए हैं. अब TMC ने इन ट्रिब्यूनल्स में अपील करने की प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी और आम जनता के अनुकूल बनाने के लिए 8 महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं.

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पार्टी का कहना है कि 20 मार्च 2026 के नोटिफिकेशन में अपील के लिए ऑनलाइन (ECINET प्लेटफॉर्म) और ऑफलाइन (DM/SDM ऑफिस) दो तरीके बताए गए हैं, लेकिन इसे और बेहतर करने की जरूरत है.

पार्टी ने अपनी चिट्ठी में जो मांगें रखी हैं, वे इस प्रकार हैं:

(i) रिजेक्शन का कारण बताना: यदि माननीय न्यायिक अधिकारियों ने किसी का आवेदन खारिज किया है, तो उसका ठोस आधार बताना चाहिए. यह जानकारी अनुपूरक सूची में उपलब्ध होनी चाहिए ताकि अपील करने वाले उम्मीदवार को पता चल सके कि उसे अपील में क्या साबित करना है.

(ii) ऑफलाइन अपील की शुरुआत: व्यक्तिगत तौर पर (Offline) अपील करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जल्द से जल्द आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाए.

(iii) ब्लॉक स्तर पर जमा हों अपील: एसडीओ (SDO) ही मजिस्ट्रेट के कार्य करते समय एसडीएम (SDM) होता है, इस पदनाम में सुधार किया जाए. इसके अलावा, अपील केवल डीएम या एसडीओ ऑफिस तक सीमित न रहे, बल्कि बीडीओ कार्यालय में भी स्वीकार की जाए. इससे सरकारी काम का बोझ एक जगह नहीं रहेगा और आम लोगों को अपने घर के पास ही अपील करने की बड़ी राहत मिलेगी.

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(iv) सुनवाई का मौका और सूचना: अपील करने वाले मतदाताओं को खुद या अपने किसी प्रतिनिधि के जरिए ट्रिब्यूनल के सामने बात रखने की अनुमति मिले. यह सुनवाई व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉल (Virtual Mode) के जरिए हो सकती है. साथ ही, अपीलकर्ताओं को सुनवाई की तारीख की जानकारी पहले से दी जाए.

(v) ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की सुविधा: अपील दाखिल करने के लिए बने ऑनलाइन पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने का विकल्प भी दिया जाए.

(vi), (vii) और (viii) रसीद और नतीजों का प्रकाशन: ऑफलाइन अपील के लिए एक फॉर्म तय किया जाए और साथ में दस्तावेज लगाने की अनुमति मिले. जब कोई व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से अपील जमा करे, तो उसे रसीद दी जानी चाहिए. साथ ही, आने वाले चुनावों के शेड्यूल को देखते हुए अपीलों के नतीजे हर दिन प्रकाशित किए जाएं.

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