मानव संसाधन विकास मंत्रालय जल्द ही एक कमेटी का गठन करने जा रहा है जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी NEP का ड्राफ्ट तैयार करेगी. इससे पहले टी.एस.आर सुब्रमणियम कमेटी ने पूर्व HRD मंत्री स्मृति इरानी के समयकाल में जो ड्राफ्ट तैयार किया था उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. इस कदम से साफ हो गया है कि NEP में अभी और देर होगी और इसे फाइनल करने में अगले कुछ महीने या साल भी लग सकते हैं.
खबर है कि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर चाहते हैं कि शिक्षा से जुड़ा कोई व्यक्ति ही नई कमेटी को लीड करे और केंद्र सरकार ने अब तक इस मामले में जो सुझाव दिए हैं, उस पर काम हो.
बता दें कि अगस्त से ही यह खबरें आ रही थीं कि सुब्रहमणियम कमेटी द्वारा तैयार खारिज किया जा सकता है. सुब्रहमणियम की इस कमेटी में पांच सदस्य थे. उन्हें स्मृति ईरानी ने जिम्मेदारी दी थी कि वे देश के लिए नई एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करें और अपनी राय भी दें.
अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि अभी NEP पर चर्चा हो रही है और इस साल के अंत तक कोई फैसला लिया जा सकता है. नई कमेटी अब सुब्रहमणियम कमेटी द्वारा तैयार ड्राफ्ट को केवल रिफ्रेंस के लिए प्रयोग करेगी. एक बार नया ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. गौरतलब है कि NEP तैयार करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, इसलिए इस पर HRD फूंक-फूंक कर कदम रख रही है.
वर्तमान सरकार नेशनल पॉलिसी ऑफ एजुकेशन 1986 का पालन कर रही है, जिसका संशोधन 1992 में हुआ था. इस पॉलिसी के अंतर्गत सभी छात्रों (चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय, लिंग और जगह से हों) को सामान शिक्षा दी जाती है.लेकिन पिछले 20 साल में शिक्षा के क्षेत्र में काफी बदलाव देखे गए हैं जिसको देखकर एजुकेशन पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है.
मेधा चावला