जिसने बनाई थी देश की पहली सेटेलाइट, जानिये उनके बारे में 10 बड़ी बातें...

इसरो के अध्ययक्ष रहे प्रोफेसर यूआर राव का रविवार देर रात निधन हो गया है. देश के पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट को अंतरिक्ष में भेजने की अगुवाई करने वाले यूआर राव 85 साल के थे और लंबे वक्त से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. यूआर राव को भारत की सेटेलाइट क्रांति का जनक कहा जाता है.

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वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

इसरो के अध्ययक्ष रहे प्रोफेसर यूआर राव का रविवार देर रात निधन हो गया है. देश के पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट को अंतरिक्ष में भेजने की अगुवाई करने वाले यूआर राव 85 साल के थे और लंबे वक्त से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. यूआर राव को भारत की सेटेलाइट क्रांति का जनक कहा जाता है.

जानिये उनके बारे में कुछ खास बातें...

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1. यूआर राव का जन्म कर्नाटक के अडामारू में 10 मार्च 1932 को एक साधारण परिवार में हुआ था. राव ने इसरो अध्यक्ष और अंतरिक्ष सचिव का पद भी संभाला.

2. साल 1984 से लेकर 1994 तक वो ISRO के अध्यक्ष रहे. चंद्रयान-1 और मंगलयान के पीछे भी यूआर राव का ही दिमाग था. प्रोफेसर राव को अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनॉटिकल फेडरेशन ने प्रतिष्ठित द 2016 आईएएफ हॉल ऑफ फेम में शामिल किया था.

3. साल 2013 में सोसायटी ऑफ सेटेलाइट प्रोफेशनल्स इंटरनेशनल ने राव को सेटेलाइट हॉल ऑफ फेम, वाशिंगटन में शामिल किया था.

4. भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला (अहमदाबाद) की संचालन परिषद के अध्यक्ष राव अंतरराष्ट्रीय तौर पर विख्यात वैज्ञानिक रहे.

5. राव ने 1960 में अपने करियर की शुरुआत से ही भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास में और संचार के क्षेत्र में एवं प्राकतिक संसाधनों का दूर से पता लगाने में इस तकनीक के अनुप्रयोगों में अहम योगदान दिया है.

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6. भारत की अंतरिक्ष और उपग्रह क्षमताओं के निर्माण तथा देश के विकास में उनके अनुप्रयोगों का श्रेय राव को जाता है. वैज्ञानिक राव ने 1972 में भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी की स्थापना की जिम्मेदारी ली थी.

7. यूआर राव के दिशानिर्देशन में 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट से लेकर 20 से अधिक उपग्रहों को डिजाइन किया गया, तैयार किया गया और अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया.

8. राव ने भारत में प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी का भी विकास तेज किया, जिसके परिणामस्वरूप 1992 में एएसएलवी का सफल प्रक्षेपण किया गया.

9. वैज्ञानिक यूआर राव ने प्रसारण, शिक्षा, मौसम विज्ञान, सुदूर संवेदी तंत्र और आपदा चेतावनी के क्षेत्रों में अंतरिक्ष तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया.अंतरिक्ष विज्ञान में अहम योगदान के लिए भारत सरकार ने यूआर राव को 1976 में पद्म भूषण से सम्मानित किया.

10. भारत सरकार ने यूआर राव को 2017 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया.

 

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