मध्यप्रदेश के कॉलेज में जाति लिखे बैग बंटे, हुआ बवाल...

मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेज में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को बांटे गए जातीय पहचान वाले बैग, सोशल मीडिया पर बवाल और विपक्ष ने जताया विरोध...

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Madhya Pradesh College Madhya Pradesh College

विष्णु नारायण

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

मध्यप्रदेश प्रांत का एक सरकारी कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में है. वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. दरअसल, मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सरकारी कॉलेज में अनुसूचित जाति/जनजाति स्कीम के अंतर्गत ऐसे बैग बांटे गए हैं. इन तस्वीरों पर SC/ST स्कीम साफ-साफ लिखा दिख रहा है. इस पर विपक्षी पार्टियों ने तो भाजपानीत सरकार को घेरा ही है. साथ ही यहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी खूब साझा की जा रही हैं.

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अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स को बांटे गए हैं बैग...
गौरतलब है कि मंदसौर के राजीव गांधी गवर्नमेंट पी जी कॉलेज में पढ़ने वाले अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स को ऐसे बैग बांटे गए हैं. इन बैगों में पेन, कैल्क्यूलेटर और नोटबुक भी हैं. संस्थान में पढ़ने वाले 600 स्टूडेंट्स में से 250 स्टूडेंट्स को इस स्कीम के तहत बैग बांटे गए हैं.
इस कॉलेज के प्रिंसिपल बी आर नालाव्या कहते हैं, 'इसमें क्या गलत है. बैग वेलफेयर स्कीम के तहत बांटे गए हैं. यदि किसी को ठीक नहीं लगता तो वे ऐसे शब्द हटवा देंगे. हालांकि इस गलती के लिए वे सप्लायर को जिम्मेदार ठहराते हैं. '

विपक्ष ने लिया आड़े हाथ...
इन बैगों और तस्वीरों पर बवाल तब शुरू हुआ जब वे सोशल मीडिया पर साझा होने लगे. लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया देने लगे. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरुण यादव ट्वीट के माध्यम से कहते हैं कि इन बैगों पर इस तरह की बातें लिखा जाना आरएसएस समर्थित मध्यप्रदेश सरकार की दलित व आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. इस मुद्दे पर मंदसौर से पूर्व कांग्रेस सांसद मीनाक्षी नटराजन कहती हैं, 'यह नाबाबिले बर्दाश्त है और वह प्रदर्शन भी करेंगी'.

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