‘स्टडी इन इंडिया’ योजना की शुरुआत, विदेशी छात्रों को मिलेगा मौका

मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने मिलकर 'स्टडी इन इंडिया' नाम के कार्यक्रम की शुरुआत की है. जानें क्या होगा इसमें...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST

भारत में आकर पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले विदेशी छात्रों के लिए अब भारतीय विश्वविद्यालयों की राह आसान हो गई है. बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने मिलकर स्टडी इन इंडिया (studyinindia.gov.in) नाम के कार्यक्रम की शुरुआत की.

स्टडी इन इंडिया के जरिए IIT और IIM समेत देश के 160 प्रीमियर शिक्षा संस्थानों में एडमिशन लेना विदेशी छात्रों के लिए आसान हो जाएगा. फिलहाल सरकार उच्च शिक्षा में 10 से 15% सीट विदेशी छात्रों के लिए रखने की अनुमति देती है. लेकिन इनमें से ज्यादातर सीटें अभी खाली रह जाती हैं क्योंकि विदेशी छात्रों के लिए अलग-अलग संस्थाओं से संपर्क करके एडमिशन की प्रक्रिया को पूरा करना मुश्किल होता है.

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एक ही जगह पर जाकर कर सकेंगे अप्लाई

स्टडी इन इंडिया पोर्टल के जरिए विदेशी छात्र सीधे एक ही जगह पर जाकर इन सभी संस्थानों में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकेंगे और उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें किसी न किसी विश्वविद्यालय में एडमिशन मिल जाएगा. इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए सरकार 2 साल में 150 करोड़ रुपए खर्च करेगी ताकि उचित शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया में भारत की पहचान कायम हो सके.

आपको बता दें, भारत में करीब 47000 विदेशी छात्र पढ़ते हैं. इनमें से ज्यादातर स्टूडेंट अफ्रीकी देशों के अलावा अफगानिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों से आते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक डेढ़ लाख से दो लाख विदेशी छात्रों को पढ़ने के लिए भारत में लाया जाए.

टॉप 25% मेधावी छात्रों की फीस पूरी तरह से होगी माफ

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इस कार्यक्रम के तहत सरकार फिलहाल एशिया और अफ्रीका के 30 देशों से छात्रों को भारत आने के लिए प्रोत्साहित करेगी जिसमें नेपाल, वियतनाम कजाकिस्तान, सऊदी अरेबिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, मलेशिया, इजिप्ट, कुवैत, ईरान, श्रीलंका ,बांग्लादेश, भूटान, रवांडा शामिल हैं.विदेशी छात्रों को भारत में आकर्षित करने के लिए सरकार टॉप 25% मेधावी छात्रों की फीस पूरी तरह से माफ कर देगी. विदेशी छात्रों के भारत में आकर पढ़ाई करने को बढ़ावा देने के लिए सरकार इन स्टूडेंट्स के लिए वीजा नियमों में भी ढील देगी.

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम लॉन्च करने के मौके पर कहा कि भारत में विश्व स्तर की उच्च शिक्षा जितने के फायदे कीमत पर उपलब्ध है उतना शायद ही दुनिया के किसी देश में हो. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विदेशी छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विदेशी छात्रों के लिए भारत में आकर पढ़ने के लिए एक न्योता है.

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