आज है सबसे छोटा दिन और लंबी रात, बना Google Doodle

22 दिसंबर को होता है सबसे छोटा दिन और लंबी रात. जानें- कैसे पड़ती सूरज की किरणें.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

  • 22 दिसंबर को सबसे छोटा दिन और लंबी रात
  • जानें- पृथ्वी पर कैसे पड़ती है सूरज की किरणें

22 दिसंबर यानी आज से उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere)  में सर्दियों के मौसम की शुरुआत हो गई है और ये सर्दियां 20 मार्च तक चलेगी. इसकी मौके पर गूगल ने प्यारा सा डूडल बनाया है. जिसमें हमारी पृथ्वी और प्यारा सा आइस मैन बेबी दिखाया गया है. आपको बता दें, 22 दिसंबर को साल का सबसे छोटा दिन होता है और लंबी रात.

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साल के सबसे छोटे दिन को विंटर सॉल्सटिस (संक्रांति) (Winter Solstice 2019) कहा जाता है. आज के दिन सूरज से धरती काफी दूर रहता है और पृथ्वी पर चांद की रौशनी काफी देर तक रहती है.

विंटर सॉल्सटिस इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी अपने घूर्णन के अक्ष पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई होती है और झुकाव के कारण प्रत्येक गोलार्ध को सालभर अलग-अलग मात्रा में सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है. आपको बता दें, दिसंबर विंटर सॉल्सटिस के दिन जब सूर्य की सीधी किरणें भूमध्य रेखा के दक्षिण  की ओर मकर रेखा के साथ पहुंचती हैं तो  उत्तरी गोलार्ध में यह दिसंबर संक्रांति (Winter Solstice 2019) और और दक्षिणी गोलार्ध में इसे जून संक्रांति (June solstice) के रूप में जाना जाता है.

दिसंबर में, जैसे ही पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य से दूर होता है, दक्षिणी गोलार्ध को अधिकतम सूर्य का प्रकाश मिलता है. सूर्योदय और सूर्यास्त का सही समय दो चीजों पर निर्भर करता है - विभिन्न समय क्षेत्र के भीतर अक्षांश और भौगोलिक स्थिति.

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