चेन्नई के 14 वर्षीय छात्र अदवे रमेश को प्रतिष्ठित 'गूगल कम्युनिटी इम्पैक्ट अवार्ड' से पुरस्कृत किया गया है. रमेश को मछुआरों की सुरक्षा और मछली पकड़ने में सुविधा वाले उपकरण का निर्माण करने के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है. गूगल इंडिया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की.
चेन्नई के नेशनल पब्लिक स्कूल के 10वीं कक्षा के छात्र रमेश अंतिम दौर में पहुंचने वाले उन 20 एथलीटों में से भी एक हैं, जिन्हें गूगल की ओर से के लिए चुना गया. रमेश ने अपने बयान में कहा, 'मेरे लिए इस पुरस्कार को जीतना काफी मायने रखता है. इससे मुझे और भी अधिक सीखने और मेरे विचारों को विकसित करने में मदद मिलेगी.'
चेन्नई के 14 वर्षीय छात्र ' (एफईएलटी)' के हैंड-हेल्ट टर्मिनल है, जो मानक स्थिति सेवा ( एसपीएस) का उपयोग करता है. इससे मछुआरों की सुरक्षा और उत्पादकता को बढ़ाता है.
रमेश का कहना है कि वह रामेश्वरम में अक्सर मछुआरों की परेशानियों के बारे में खबर पढ़ते हैं. उन्हें अपने काम के लिए कई दिनों तक समुद्र में रहना पड़ता है. कई बार श्रीलंकाई सरकार अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लेती हैं. इस उपकरण से मछुआरों को कई स्थितियों को समझने में मदद मिलेगी.