साउथ ईस्ट दिल्ली की रहने वाली अरीबा इरफान (21)ने सीबीएसई कक्षा 12 वीं की परीक्षा सरकारी स्कूल से पढ़ाई करके अपने जिले में टॉप किया है. अरीबा ने कहा कि मैंने टॉपर बनने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर पढ़ाई नहीं की थी. मैंने बारहवीं कक्षा की शुरुआत से ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन मैं केवल अपने नॉलेज को बढ़ाने के बारे में सोचकर पढ़ाई कर रही थी.
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात के बाद मंगलवार को उन्होंने खुद को अखबारों के पन्नों पर पाया जो कि उनके लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं थी. चार बहनों में सबसे छोटी, अरीबा सर्वोदय कन्या विद्यालय, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की छात्रा थी. उन्होंने कहा कि उनके शिक्षकों ने उनकी तैयारी में मदद करने में विशेष ध्यान रखा, लेकिन उनकी सबसे अधिक मदद उनकी बड़ी बहन जोया ने की.
अरीबा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि मैंने पास होने के लिए कोई भी ट्यूशन नहीं लिया. मुझे सेल्फ स्टडी पसंद थी. मेरी बहन ने मुझे अपने सभी विषयों में मदद की. उसने भी मेरी ही तरह स्कूल में पढ़ाई की थी और पिछले साल टॉप किया था. वह अब PGDAV कॉलेज में राजनीति विज्ञान से पढ़ाई कर रही है. अब मैं इतिहास की पढ़ाई करके उसमें अपना करियर बनाना चाहती हूं.
अरीबा और उसकी तीन बड़ी बहनों का पालन-पोषण पिता मोहम्मद इरफान ने किया जो पुरानी दिल्ली में पेपर प्रिंटिंग का बिजनेस चलाते हैं. ओखला में अपने घर में जब अरीबा 7 साल की थी, तब उनकी मां का निधन हो गया था. मेरे पिता चाहते हैं कि मैं IAS अफसर बनूं लेकिन मैं एक टीचर बनना चाहती हूं.
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