कठिन परिश्रम करके बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है, इस कथन को एक बार फिर साबित कर दिखाया है बाबा भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) लखनऊ की स्टूडेंट रत्ना रावत ने.
रत्ना ने यूनिवर्सिटी की एमसीए परीक्षा में टॉप किया है. इनके पिताजी इसी यूनिवर्सिटी में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं. पिता ने अपनी बेटी को बैंक से लोन लेकर पढ़ाया है. बेटी को पढ़ाने के लिए को इस बात से समझा जा सकता है कि वे 24 घंटे में सिर्फ एक बार खाना खाते हैं और अपनी किसी भी इच्छा को पूरी करने से पहले बच्चों की पढ़ाई के बारे में सोचते हैं.
प्रोफेसर बनना चाहती हैं रत्ना:
रत्ना आगे करना चाहती हैं. उनका सपना है कि वे प्रोफेसर बनकर अपने पिता का नाम रोशन करें. एक अखबार को दिए इंटरव्यू में इन्होंने कहा कि पापा ने मेरी पढ़ाई के लिए काफी मुसीबतें झेली हैं. अब वह प्रोफेसर बन कर अपने पिता को हर वह खुशी देना चाहती हैं जो उन्हें आज तक नहीं मिल पाई है.
भाई बहन भी हासिल करें बेहतर एजुकेशन:
रत्ना अपने साथ-साथ अपने भाई बहन को भी बेहतर शिक्षा देना चाहती हैं. रत्ना कुल पांच भाई-बहन हैं. ये सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं. वो कहती हैं कि मेरे भाई-बहन भी से पढ़ाई करें और सफलता पाएं.
दीक्षांत समारोह में मिलेगा गोल्ड मेडल:
यूनिवर्सिटी में 22 जनवरी को दीक्षांत समारोह होगा, एमसीए टॉपर रत्ना को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा.
स्नेहा