काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने आज 10वीं (ICSE) और 12वीं (ISC) के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस साल 3.6 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत रंग लाई है, जहां दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में पास प्रतिशत 99% के पार रहा है.परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cisce.org और DigiLocker पर उपलब्ध हैं.
समझें पूरा 'इनसाइड' डेटा
ISC (12वीं)में कुल 99.13% छात्र सफल रहे, जिनमें लड़कियों का प्रतिशत 99.48% और लड़कों का 98.81% रहा.
ICSE (10वीं)में कुल 99.18% छात्र पास हुए, यहां भी लड़कियों (99.46%) ने लड़कों (98.93%) को पीछे छोड़ दिया है。
क्षेत्रवार प्रदर्शन
12वीं में दक्षिण भारत (99.87%) और 10वीं में पश्चिम भारत (99.85%) छात्र अव्वल रहे हैं.
रिजल्ट से खुश नहीं? ये हैं आपके पास विकल्प
CISCE ने उन छात्रों के लिए स्पष्ट रास्ता तैयार किया है जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए. ऐसे में यदि आपको लगता है कि अंक कम हैं, तो 1 मई से 4 मई 2026 के बीच री-चेक के लिए आवेदन कर सकते हैं.
इंप्रूवमेंट एग्जाम
अपने स्कोर सुधारने के लिए जून और जुलाई 2026 में सप्लीमेंट्री और इंप्रूवमेंट परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी.
मेंटल हेल्थ के लिए बनी हेल्पलाइन: #iGotHelp
नतीजों के तनाव को देखते हुए बोर्ड ने छात्रों के लिए #iGotHelp नाम से 24x7 हेल्पलाइन की सुविधा दी है. बोर्ड के सचिव डॉ. जोसेफ इमैनुएल ने कहा कि यह रिजल्ट केवल शैक्षणिक परिणाम नहीं, बल्कि छात्रों के धैर्य और मेहनत का प्रतिबिंब है.
बता दें कि इस साल स्पेशल नीड्स कैटेगरी के छात्रों ने भी कमाल किया है. 2026 में 10वीं के 132 और 12वीं के 36 'लर्निंग डिफिकल्टी' वाले छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल कर मिसाल पेश की है.
आजतक एजुकेशन डेस्क