केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा को नया कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया है. वह अब प्रदीप कुमार सिन्हा की जगह लेंगे. देश की सिविल सेवा में यह सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है. पीएम मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने गौबा की कैबिनेट सचिव के पद पर नियुक्ति की मंजूरी दे दी है.
आइए जानते हैं उनके बारे में.
राजनाथ सिंह के साथ राजीव गौबा (तस्वीर-ट्विटर/पीआईबी) राजीव गौबा नए कैबिनेट सचिव बनाए जाने से पहले केंद्रीय गृह सचिव के पद पर कार्यरत थे. वह 1982 के झारखंड बैच के आईएएएस अधिकारी हैं. इससे पहले वह शहरी विकास मंत्रालय में सचिव के पद पर रहे हैं. अब वह कैबिनेट सचिवालय संभालेंगे.
फोटो- PTI
370 हटाने में रहा रोल
राजीव गाबा ने गृह सचिव रहते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने में अहम भूमिका निभाई. गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूरी प्लानिंग में वह जुड़े रहे. इस बड़ी कार्रवाई से पहले हालात का जायजा लेने के लिए राजीव गाबा ने घाटी का दौरा भी किया था.
फोटो- ANI
राजीव गौबा 30 अगस्त, 2019 से अपना कार्यभार संभालेंगे और आने वाले 2 सालों तक कैबिनेट सचिव के पद पर बने रहेंगे. आपको बता दें, राजीव गौबा से पहले पी. के. सिन्हा कैबिनेट सचिव के पद पिछले 4 साल से नियुक्त थे.
फोटो- J.s के ट्विटर अकाउंट से
नक्सलवाद की तोड़ी कमर
केंद्र में अप्रैल 2016 से प्रतिनियुक्ति पर आने से पहले राजीव गाबा झारखंड में मुख्य सचिव थे. इस दौरान उन्होंने मजदूरों के बीच नक्सलियों की पैठ खत्म करने के लिए श्रम सुधारों की दिशा में काम किया. मजदूरों को जहां हक दिलाया, वहीं कल-कारखानों को भी सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई. जिससे नक्सलवाद की घटनाओं में पहले की तुलना में कमी भी आई. बिहार के विभाजित होने से पहले वह नालंदा, मुजफ्फरपुर और गया में डीएम भी रहे.
जन्म
राजीव गौबा का जन्म 15 अगस्त 1959 को पंजाब में हुआ था. 31 अगस्त , 2017 को उन्होंने केन्द्रीय गृह सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था.
राजीव गाबा ने इससे पहले, भारत सरकार में गृह, रक्षा, पर्यावरण एवं वन तथा
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों में कार्य किया है. गौबा
ने मुख्य सचिव, झारखंड सरकार के रूप में भी कार्य किया है. साथ ही बोर्ड
ऑफ आईएमएफ (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड) में 4 सालों तक देश का प्रतिनिधित्व
किया है.
पढ़ाई
राजीव गौबा की प्रारंभिक शिक्षा रांची में ही हुई है.
जिसके बाद उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. वह 1982 बैच के झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
के अधिकारी हैं.
आपको बता दें, राजीव गौबा के अलावा अजय कुमार को नए
रक्षा सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. वह संजय मित्रा का स्थान लेंगे
जिनका कार्यकाल 23 अगस्त को समाप्त हो रहा है. IAS सुभाष चंद्रा को रक्षा
मंत्रालय में नए सचिव (रक्षा उत्पादन) के रूप में नियुक्त किया गया है.
वर्तमान में वह रक्षा विभाग में विशेष सचिव हैं.
फोटो- @manjeetnegilive के ट्विटर अकाउंट से
क्या है कैबिनेट सचिवालय और कैसे काम करते हैं कैबिनेट सचिव
भारत सरकार (कामकाज का आबंटन) नियम, 1961 के प्रावधानों के तहत मंत्रिमंडल सचिवालय प्रत्यक्षतः प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है. इसका प्रशासनिक प्रमुख कैबिनेट सचिव होता है. ये होता है कैबिनेट सचिव का मुख्य कार्य.
मंत्रिमंडल समितियों को सचिवालय सहयोग और कार्य नियम.
कैबिनेट सचिव, सिविल सर्विसेज का प्रमुख भी होता है. इसलिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट सचिवालय एक उपयोगी माध्यम है.
आपको बता दें, कैबिनेट सचिवालय यह सुनिश्चित करता है कि सभी मंत्रालयों/विभागों की प्रमुख गतिविधियों के बारे में हर महीने एक सारांश बनाकर राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और मंत्रियों को उससे अवगत कराया जाए. देश में किसी बड़े संकट के समय उसका प्रबंधन करना तथा ऐसी परिस्थितियों में विभिन्न मंत्रालयों की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करना भी कैबिनेट सचिवालय का एक काम है.
फोटो- @JKviews के ट्विटर अकाउंट से