शनिवार को हुई देहरादून में स्थित इंडियन मिलेट्री
एकेडमी (IMA) में पासिंग आउट परेड में 382
कैडेटों को सेना में शामिल किया गया, जिसमें जुड़वा
भाईयों ने कमाल कर दिखाया. दोनों एक साथ सेना में अफसर बने हैं. आइए जानते हैं दोनों
जुड़वा भाईयों के बारे में...
जुड़वा भाईयों का नाम अभिनव पाठक और परिणव
पाठक है. आपको बता दें, इंडियन मिलेट्री एकेडमी
(IMA) में ऐसा पहली बार हुआ है जब ये दोनों
भाई ग्रेजुएशन होने वाली पहली जुड़वा जोड़ी बन गई.
दोनों की उम्र 22 साल है. दोनों का जन्म 2
मिनट्स के अंतर पर हुआ था. बता दें, दोनों ही सेना
में शामिल होना चाहते थे. दोनों की रुचि इसी में ही
थी.
दोनों भाईयों ने एक अमृतसर के एक ही स्कूल से पढ़ाई की है. जिसके बाद इंजीनियरिंग पढ़ाई के लिए दोनों को अलग होना पड़ा. जहां एक भाई को जालंधर और दूसरे को लुधियाना जाना पड़ा. बता दें, अभिनव ने जालंधर से कंप्यूटर साइंस (CSE) और परिणव ने मैकेनिकल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.
आईएमए में पासिंग आउट परेड के दौरान दोनों ने
कई किस्से
शेयर किए. जैसे- कैसे उनके समान चेहरे
की वजह से ट्रेनर्स और आईएमए के सहायक
कर्मचारियों के बीच कंफ्यूजन पैदा होता था.
अभिनव परिणव से दो मिनट के बड़े हैं. दोनों ने
अपनी ट्रेनिंग को याद करते हुए बताया कि "कई
बार ड्रिल इंस्ट्रक्टर परिणव की बजाय अभिनव को
बुला लेते थे.
दूसरी ओर, परिणव ने यह भी शेयर किया एकेडमी
में जुड़वा होने के कारण कभी-कभी हास्यप्रद
परिस्थितियां भी पैदा हुई हैं. उन्होंने बताया कि "कई
बार, जब मैं अपनी खाने के दौरान मेस टेबल पर
भीड़ देखता था, तो मैं अपने भाई की मेस में जाता
था, जिसमें कम भीड़ होती थी. और कोई भी मुझे
पहचान नहीं पाता था.
अभिनव ने बताया कि दोनों भाइयों को अलग-अलग
बताने में लोग तभी पहचान पाते थे, जब वे अपनी
(PT) वर्दी पहनेंगे या कॉलर पर संबंधित कंपनी
के बैज लगाएंगे.
दोनों के पिता अशोक पाठक ने टाइम्स ऑफ इंडिया
को बताया कि मेरे दोनों बेटे अक्सर पढ़ाई में
एक-दूसरे के खिलाफ हेल्दी कॉम्पिटिशन करते थे.
जहां एक भाई ने किसी भी परीक्षा में 100 अंक
हासिल किए हैं तो दूसरा भाई पूरी कोशिश करता है
कि उसके कम से कम 99 अंक ही आ जाए.
इस बीच, पाठक भाईयों को भारतीय सेना में अपना
सफर अलग-अलग जारी रखेंगे क्योंकि दोनों को
अलग-अलग रेजिमेंट सौंपे गए हैं. उनकी
अलग-अलग यूनिट्स में हो सकती है.
आपको बता दें, 382 जेंटलमैन कैडेट्स (जीसीएस) के अलावा, अफगानिस्तान, भूटान, मालदीव, फिजी, मॉरीशस, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, लेसोथो और ताजिकिस्तान के 9 देशों से संबंधित 77 अन्य कैडेट्स भी इंडियन मिलेट्री एकेडमी (IMA) से पास आउट हुए.
फोटो- ANI