'काम से बढ़ा कोई धर्म नहीं होता' जो व्यक्ति इस लाइन का मतलब समझ लें उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.
अपने 'काम' को सबसे आगे रखने वाले ऐसे लोग भी हैं, जो देश और दुनिया के लिए मिसाल बन गए हैं. जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर अपने लक्ष्य को पाना है तो पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग-अलग करके ही देखना होगा.
ऋषभ पंत
IPL 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में खेल रहे 19 साल के ऋषभ पंत ने उस वक्त अपनी शानदार बल्लेबाजी से लोगों का दिल जीत लिया जब वह अपने पिता के अंतिम संस्कार करके लौटे थे. इतनी कम उम्र में अपने काम के प्रति ऐसा जज्बा कम ही देखने को मिलता है.
सुप्रीत कौर
आइबीसी-24 न्यूज चैनल की एंकर सुप्रीत कौर ने जो किया उसकी मिसाल आने वाले समय में मीडिया जगत जरूर देगा. न्यूज एंकर होने के नाते वह रोजाना की तरह न्यूज पढ़ रही थी, तभी एक ब्रेकिंग खबर आई कि एनएच 353 पर लहरौद के समीप एक कार व एक ट्रक की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए.
दर्द देने वाली बात ये थी कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह कोई और नहीं बल्कि सुप्रीत कौर के पति (हर्षद कावड़े) थे. उन्होंने अपनी जिंदगी की इतनी कठिन परिस्थिति में भी अपनी पर्सनल लाइफ को प्रोफेशनल लाइफ के आड़े नहीं आने दिया और बुलेटिन खत्म करके ही उठीं.
सचिन तेंदुलकर
1999 वर्ल्ड कप के दौरान सचिन के पिता का देहांत हो गया था. सचिन पिता के अंतिम संस्कार के बाद वह फौरन इंग्लैंड पहुंच गए थे. सचिन ने अगले ही मैच में केन्या के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी.
प्रियंका चोपड़ा
ये सब जानते हैं कि प्रियंका अपने पिता डॉक्टर अशोक चोपड़ा के कितने करीब थीं. लेकिन कैंसर की वजह से उनके पिता का देहांत हो गया. फिर भी वह अंतिम संस्कार के बाद फिल्म 'मेरी कॉम' की शूटिंग के लिए निकल गई थी.
विराट कोहली
कोहली जब दिल्ली की रणजी टीम का हिस्सा थे, तब एक मैच के दौरान उनके पिता का देहांत हो गया था. कोहली पिता के अंतिम संस्कार के बाद मैदान पर उतरे और अपनी टीम के लिए शानदार पारी खेली.
मेरी कॉम
मेरी कॉम ने उस वक्त 'एशियन कप वुमन बॉक्सिंग' में गोल्ड हासिल कर दिखाया, जब उनके तीन साल के बेटे की हार्ट-सर्जरी चल रही थी. एक मां के लिए कितना मुश्किल समय होगा इसका अंदाजा हम और आप संभवत: ना लगा पाएं, लेकिन इन लोगों ने दिखा दिया काम से बड़ा कोई धर्म नहीं.