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जब टीचर ने ली विदाई, तो रो पड़ा स्कूल का हर बच्चा, देखें-PHOTOS

aajtak.in
  • 25 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST
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एक टीचर आपके जीवन में अहम भूमिका निभाता है. एक छात्र अपने टीचर से काफी करीब होता है. आशीष डंगवाल के छात्र भी उनके काफी करीब है. गांव और  बच्चों को मालूम चला की उनका ट्रांसफर हो रहा है तो पूरे गांव के लोग और छात्र रो पड़े.

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आशीष डंगवाल  पिछले तीन साल से उत्तरकाशी जिले के केलसु घाटी में स्थित एक सरकारी स्कूल में छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं.

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उत्तराखंड के शिक्षा के हालात इतने अच्छे नहीं है. यहां के स्कूलों में पढ़ने के लिए छात्र और टीचर्स को काफी संघर्षों का सामना करना पड़ता है.

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पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी शिक्षक जाने से कतराते हैं, ऐसे में सिर्फ वहीं के बच्चे टीचर्स और उनकी दी हुई शिक्षा की कीमत बखूबी जानते हैं.

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आपको बता दें, आशीष डंगवाल की विदाई समारोह में उन्हें ढोल बजाकर विदाई दी गई. उनके सम्मान में जब विदाई समारोह शुरू हुआ. स्कूल के बच्चे,उनके मांता-पिता, आस पास के गांव वाले भी आशीष से मिलने आए.

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बच्चे तो बच्चे,  उनके मां-बाप भी शिक्षक से लिपट लिपट कर रोने लगे. आशीष के जाने पर गांव वालों और छात्रों का दुख ये साफ दिखाता है कि उनका स्वभाव कितना मिलनसार होगा. उन्होंने कितना प्यार और सम्मान कमाया होगा.  बच्चे रो-रोकर एक ही बात बोल रहे थे गुरु जी आप ना जाओ.

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आशीष डंगवाल ने कहा गांव मेरा दूसरा घर है. मैं  जल्द ही वापिस आऊंगा. गांव वालों का कहना था कि आशीष काफी मिलनसार स्वभाव के थे.

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जब भी उनकी छुट्टी होती वह खेतों में आकर काम करते थे और खेती के बारे में जानकारी देते थे.

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गांव वालों कहना था जब भी हमें कोई दिक्कत होती थी वह हमेशा मेरी मदद करते थे.

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लोग उन्हें एक शिक्षक नहीं बल्कि अपना बेटा मानते थे. उनका कहना जहां  आशीष बच्चों को पढ़ाते थे, वहीं घर- घर जाकर माता- पिता को शिक्षा का महत्व बताते थे.

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