प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2019 हासिल करने वाले 26 बच्चों से मुलाकात की. जहां उन्होंने बाल वीरों से बातचीत की और साथ ही उन्हें सलाह भी दी.
22 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सभी वीरों को सम्मानित किया था.
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के 26 बाल वीरों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान अपनी
उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया और अपनी आकांक्षाओं के बारे में बातचीत की.
प्रधानमंत्री सभी बच्चों से मिले और एक-एक कर सभी को उनके कार्य और उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए प्रशंसा की. उन्होंने मेधावी और प्रतिभाशाली बच्चों को कहा कि वे प्रकृति से हमेशा जुड़े रहें.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पुरस्कारों से प्रतिभाशाली बच्चों को जानने का अवसर मिलता है और ये पुरस्कार दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करते हैं. बच्चों ने प्रधानमंत्री का ऑटोग्राफ भी लिया.
आपको बता दें, सरकारी संस्था इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर
(आईसीसीडब्ल्यू) 1957 से 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' का वितरण कर रही थी,
लेकिन वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के चलते सरकार ने खुद को इससे अलग
कर लिया है. जिसके बाद ऐसा पहली बार हो रहा जब 26 जनवरी को होने वाली परेड
में बहादुर बच्चे दिखाई नहीं देंगे.
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को दो कैटेगरी में दिया जाता है. पहली कैटेगरी है 'बाल शक्ति पुरस्कार' है जो व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है.
दूसरी कैटेगरी 'बाल कल्याण पुरस्कार' है.ये पुरस्कार उन संस्थानों/व्यक्तियों को दिया जाता है जो बच्चों के लिए काम करते हैं.
इस साल बाल शक्ति पुरस्कार के लिए 783 आवेदन प्राप्त हुए थे. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने नवाचार, अध्ययन, खेल, कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा और बहादुरी वर्ग के तहत बाल शक्ति पुरस्कार के लिए 26 विजेताओं को चुना था।.राष्ट्रीय चयन समिति ने बाल कल्याण पुरस्कार के लिए दो व्यक्तिगत और तीन संस्थागत नामों को अंतिम रूप दिया था.