पाकिस्तान ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल गजनवी का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. इस मिसाइल की रेंज यानी पहुंच 290 से 320 किलोमीटर है. यह 700 किलोग्राम विस्फोटक ले जाने में सक्षम है. वहीं इससे पहले पाकिस्तान गौरी और बाबर मिसाइल लॉन्च कर चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं पाकिस्तान ने अपनी मिसाइल के नाम किन पर रखें हैं और क्यों? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
फोटो- @OfficialDGISPR ट्विटर से ली गई है.
ऐतिहासिक पक्ष की बात करें तो ये वो सब नाम हैं जिन्होंने भारत पर आक्रमण किया. आपको बता दें, जब इन्होंने भारत पर आक्रमण किया था उस वक्त पाकिस्तान भी भारत का हिस्सा हुआ करता था. इनमें से ज्यादातर आक्रमणकारियों ने पाकिस्तान वाले हिस्सों पर ही हमले किए.
अब पाकिस्तान अपनी मिसाइलों के नाम उन्हीं के नाम पर रख रहा है जिन्होंने कभी उनके पूर्वजों की हत्या की, उन्हें सताया और शासन किया.
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
जानें- मिसाइल गजनवी के नाम के पीछे का इतिहास
महमूद गजनवी वो लुटेरा था जिसने सन 1026 में 5 हजार हमलावरों के साथ सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था. पाकिस्तान उस दौर के लुटेरों को अपना राष्ट्रीय प्रतीक मानता है.
(भारतीय मिसाइल- फोटो- DRDO)
कर्ज लेकर पूरा देश चलाने वाला पाकिस्तान गजनवी जैसे लुटेरों के नाम वाली मिसाइलें भारत को दिखा रहा है. लेकिन उसे पता नहीं है कि भारत की कई मिसाइलें ऐसी है जिसके सामने गजनवी मिसाइल टिक नहीं सकती है.
(गजनवी मिसाइल)
गजनवी के लिए भारत की अग्नि मिसाइल काफी है. जिसके सामने गजनवी जलकर राख हो जाएगी. क्योंकि अग्नि मिसालइ की रेंज 700 किलोमीटर है पेलोड क्षमता 2000 किलोग्राम है. वहीं गजनवी मिसाइल की रेंज 290 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 700 किलोग्राम है.
(भारत- पाकिस्तान की झंडे)
भारत के पास इस रेंज की चार मिसाइलें हैं. इनमें शामिल हैं - छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-2, पृथ्वी-3, धनुष और छोटी दूरी की क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस. अगर पाकिस्तान युद्ध छेड़ता है तो भारत की सेना इन मिसाइलों की बदौलत पाकिस्तान से कोई भी जंग आसानी से जीत सकती है.
(गजनवी मिसाइल)