Advertisement

एजुकेशन

दोनों हाथ नहीं, फिर भी ब्लैकबोर्ड पर लिखकर ऐसे पढ़ाता है ये टीचर

aajtak.in/प्रियंका शर्मा
  • 05 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST
  • 1/5

आज हम जीवन में जो कुछ भी हैं उसमें हमारे शिक्षकों की मेहनत छिपी है. जिन्होंने हमें अच्छी शिक्षा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. एक छात्र का भविष्य सुधारने और संवारने के लिए शिक्षक काफी मेहनत करते हैं, वह छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते. ऐसे ही शिक्षक की कहानी हम लेकर आए हैं जो अपने हर एक छात्र को पढ़ाने में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ रहे हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में.

  • 2/5

ब्लैक बोर्ड पर बिना दोनों हाथो की कलाइयों के कलम चलते ये शिक्षक हैं राजेश पंद्रे, एक हादसे ने इनके दोनों हाथ छीन लिए लेकिन इन का हौसला नहीं छीन पाया.

  • 3/5

राजेश ने इस हादसे के बाद न सिर्फ सर्वोच्च अंकों के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की बल्कि उस ने अब बच्चो को पढ़ना भी शुरू कर दिया है. राजेश पढ़ लिख कर राकेश ने न सिर्फ शिक्षक होने का सम्मान पाया बल्कि अगली पीढ़ी का भविष्य भी के लिए काफी कार्य कर रह रहे हैं. उन्हें एक अच्छी शिक्षा दे रहे हैं.

Advertisement
  • 4/5

शिक्षक पद पर नौकरी करते हुए उन्हें 9 साल हो चूके हैं. वह अपने एक अलग ही अंदाज से न सिर्फ छात्रों को शिक्षा देते हैं बल्कि अन्य लोगों के लिए मिसाल बने हुए हैं. राजेश मानते है कि उनके शिक्षक, परिवार और दोस्तों ने आगे बढ़ने के लिए हमेषा हिम्मत देते रहे हैं.

  • 5/5

राजेश पंद्रे ने कहा- "मैं जब 7 साल का था विद्युत तारो की चपेट में आकर दोनों पंजे गवा दिए, हादसे से मैं हारा नहीं पहले जिंदगी की जंग जीती अब सामान्य शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाता हूं. साथ के लोग भी राकेश के इस जज्बे को देख सलाम करते हैं."

Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement