नाहिदा मंजूर माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली कश्मीर की पहली महिला बन गई हैं. चार दिनों में नाहिदा ने अपनी बहादुरी का जबरदस्त परिचय दिया. कश्मीर में जहां एक तरफ लड़कियों पर कड़ी पाबंदियां हैं वहीं कुछ ऐसे भी घर हैं जहां की बेटियां अपनी सफलताओं से परिवार का नाम रोशन कर रही हैं.
एवरेस्ट फतह करने वाले दुनिया के पहले इंसान एडमंड हिलरी और तेनजिंग नॉर्गे थे. वहीं महिलाओं में बछेंद्री पाल ने सबसे पहले माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की थी. आज इस लिस्ट में कश्मीर की पहली महिला माउंटेनियर नाहिदा मंजूर का नाम भी जुड़ गया है. 21 अप्रैल को नाहिदा ने एवरेस्ट बेस कैंप से अपनी एक फोटो फेसबक पेज पर अपलोड करते हुए खुद को एक एल्फिनिस्ट, माउंटेनियर, क्लाइंबर और एक शूटर बताया, जिसे टेबल टेनिस, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और राइडिंग पसंद है.
23 साल नाहिदा ने बुधवार को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई नाप कर कश्मीर का नाम रोशन कर दिया. इसके साथ ही वे एवरेस्ट चढ़ने वाली कश्मीर की पहली महिला बन गई हैं.
नाहिदा जम्मू और कश्मीर से हैं. उन्हें शुरू से ही पहाड़ों और ऊंची चोटियों से लगाव था. अपने इसी शौक के कारण उसने इस एडवेंचर ट्रिप की योजना बनाई और इसे अंजाम दिया. टूर एजेंसी मैनेजर विदुर विज ने बताया कि नाहिदा को चोटी से वापस लौटने में दो दिन लगेंगे.
नाहिदा मूल रूप से श्रीनगर के जेवान की रहने वाली हैं. 10 साल की उम्र से ही उन्होंने पहाड़ों पर चढ़ना शुरू कर दिया था. साल 2017 में नाहिदा ने नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीईंग एंड माउंटेनियरिंग से माउंटेनियरिंग, रॉक क्लाइंबिंग और स्कीईंग के प्रोफेशनल कोर्स किया है.
माउंट एवरेस्ट चढ़ने से पहले नाहिदा ने माउंट देव टिब्बा, मनाली, फ्रेंडशिप पीक ऑफ हिमाचल प्रदेश, माउंट महादेव और माउंट टाटाकूटी की चढ़ाई भी की है. फिलहाल नाहिदा आर्ट्स फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं.
नाहिदा की इस उपलब्धि पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि नाहिदा एवरेस्ट को नापने वाली कश्मीर की पहली महिला हैं. उनकी इस उपलब्धि से कई युवाओं को प्रेरणा मिलेगी.
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