जिन्हें सफलता की सीढ़ियां चढ़नी होती है वह
खराब परिस्थिति को अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने देते हैं.
ये कहानी है शशि की. जिन्होंने देश की मुश्किल मेडिकल नीट की परीक्षा को पास
कर लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया है.
आइए जानते हैं कौन हैं शाशि और कैसे की तैयारी.
मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के साथ शशि- फोटो- ट्विटर
सबसे पहले आपको बता दें, 19 वर्षीय शशि बेहद ही
गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता मजदूर
हैं.
मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के साथ शशि- फोटो- ट्विटर
शशि ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के
तहत मेडिकल परीक्षा की कोचिंग ली थी. जहां तैयारी
कर उन्होंने नीट परीक्षा पास की है. उन्होंने यहां दाखिला पिछले साल लिया था.
बता दें, अनुसूचित जाति के छात्रों को नीट सहित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है. उन्होंने इस कॉलेज में MBBS कोर्स में दाखिला लिया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार शशि ने कहा "
मैं समाज की सेवा करना चाहती हूं. नीट की परीक्षा के लिए ये मेरा दूसरा प्रयास था. इस इस बार, योजना ने मुझे मार्गदर्शन प्राप्त करने
में मदद की.
शशि ने बताया पिता मजदूरी का काम करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी. "हमारे पास केवल एक कमरा है, जब परिवार के सभी लोग सो जाते हैं तो मैं पढ़ाई करती हूं.
प्रतीकात्मक फोटो
शशि के पिता का नाम अखिलेश है. वह प्रतिदिन 300 रुपये कमाते हैं. उन्होंने बताया मेरी छोटी बेटी रितु (18) जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है,
और मेरा बेटा IIT में पढ़ाई करना चाहता है.
प्रतीकात्मक फोटो
उन्होंने कहा " मैं चाहता हूं कि मेरे बाकी बच्चे भी अपनी बहन की
तरह ऊंचे लक्ष्य पर चलें. आगे उन्होंने कहा मैं खुश हूं कि एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने इस साल NEET
की प्रवेश परीक्षा दी और अब लेडी हार्डिंग
कॉलेज में एडमिशन ले लिया है.
प्रतीकात्मक फोटो
बता दें, शशि ने सर्वोदय कन्या विद्यालय जीटीबी नगर से कक्षा 12वीं की है. उनकी मां हाउस वाइफ है.
प्रतीकात्मक फोटो
दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम शशि से मिले और उन्हें बधाई दी. वहीं अगर हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे दें तो एक पीढ़ी में देश से गरीबी दूर हो सकती है.
(फोटो- अरविंद केजरीवाल)