अयोध्या में दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के रूप में भगवान राम की मूर्ति बनाई जानी है. यह मूर्ति गुजरात में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से भी बड़ी होगी. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में ही दुनिया की सबसे ऊंची शिव मूर्ति बनने का काम भी शुरू हो गया है. जानते हैं दुनिया की सबसे ऊंची शिव मूर्ति कहां बन रही है और इन दोनों मूर्तियों में क्या खास है...
अयोध्या में बनने वाली मूर्ति की ऊंचाई 151 मीटर है, जबकि उसके ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र और 50 मीटर का आधार (बेस) होगा. यानी मूर्ति की कुल ऊंचाई 221 मीटर होगी. मूर्ति के पेडेस्टल (बेस) के अंदर ही भव्य म्यूजियम भी होगा, जिसमें अयोध्या का इतिहास, राम जन्मभूमि का इतिहास, भगवान विष्णु के सभी अवतारों की जानकारी भी होगी.
बता दें कि इस मूर्ति के मॉडल की तस्वीर भी जारी कर दी गई है. प्रस्तावित मॉडल के तहत अयोध्या में राम मूर्ति के साथ विश्राम घर, रामलीला मैदान, राम कुटिया भी बनाया जाएगा.
वहीं दूसरी ओर राजस्थान के उदयपुर के पास नाथद्वारा में भी दुनिया की सबसे ऊंची शिव मूर्ति बन रही है. बताया जा रहा है कि दुनिया में इस तरह की पहली मूर्ति बनाई जा रही है. यह मूर्ति 351 फुट की होगी और इसके अगले वर्ष मार्च तक बन जाने की संभावना है.
उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर नाथद्वारा के गणेश टेकरी में सीमेंट कंकरीट से बनी विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. पिछले चार सालों से चल रहे इस निर्माण में सीमेंट के लगभग तीन लाख बोरे, 2500 टन एंगल, 2500 टन सरिया इस्तेमाल हो चुका है और 750 कारीगर और श्रमिक प्रतिदिन काम कर रहे है.
प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान और आराम की मुद्रा में हैं. बता दें कि 351 फुट ऊंची प्रतिमा में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियों का प्रावधान रखा गया है. पयर्टक 280 फुट की ऊंचाई तक जा सकेंगे. प्रतिमा को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांकरोली फ्लाईओवर से देखा जा सकता है.