ग्लोबल टीचर प्राइज की घोषणा कर दी गई है और इस बार यह अवार्ड केन्या के ग्रामीण इलाकों में पढ़ाई करवाने वाले एक टीचर को मिला है. कहा जाता है कि टीचर ही एक व्यक्ति के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इस टीचर ने कुछ ऐसा किया है, जिसकी वजह से उन्हें ग्लोबल टीचर प्राइज से सम्मानित किया गया है.
इस बार ग्लोबल टीचर प्राइज के विजेता हैं केन्या के रहने वाले पीटर तबिची. पीटर तबिची, अफ्रीका के रहने वाले पहले ऐसे टीचर हैं, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. दरअसल टॉप-50 की लिस्ट में भारत के दो टीचर का नाम भी शामिल था.
पीटर केन्या के देहात क्षेत्र नकुरु में पढ़ाई करवाते हैं. वो गरीब बच्चों को शिक्षा देने को लेकर इतने कार्य करते हैं कि वे बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी सैलरी भी दान कर देते हैं.
इस अवॉर्ड से सम्मानित होने के साथ ही उन्हें 1 लाख मिलियन डॉलर का पुरस्कार भी दिया गया है. भारतीय मुद्रा के अनुसार उन्हें यह रकम करीब 6.8 करोड़ रुपये है.
पीटर ने Talent Nurturing Club से अपने करियर की शुरुआत की और उसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने टीचिंग में कदम बढ़ाया. इस बार इस अवॉर्ड का आयोजन दुबई में किया गया था, जहां दुबई के प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकटोम ने इस अवॉर्ड की घोषणा की.
इसके अलावा भारत से दिल्ली की आरती कानूनगो और गुजरात के स्वरूप रावल ने भी टॉप 50 में अपनी जगह बनाई है.
आरती कानूनगो दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ाती हैं जबकि स्वरूप रावल गुजरात में एक स्कूल में लाइफ स्किल्स के टीचर हैं.