दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला जुनको ताबे थीं. आज ही के दिन यानी 16 मई साल 1975 में जुनको ताबे ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ने वाली पहली महिला का तमगा हासिल किया था. उनके बाद देश और दुनिया में कई ऐसी महिलाएं सामने आईं जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने का कीर्तिमान हासिल किया. आइये एक नजर उन पर डालते हैं.
1. जुनको ताबे
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट
को फतह करने वाली दुनिया की पहली महिला
जुनको ताबे थीं. आज ही के दिन यानी 16 मई
साल 1975 में जुनको ताबे ने माउंट एवरेस्ट की
चढ़ने वाली पहली महिला का तमगा हासिल किया
था. उनका 77 साल में निधन हो गया. माउंट
एवरेस्ट की चोटी को फतह करने के बाद अपनी
यात्रा जारी रखी थी और 70 से अधिक देशों के
सबसे ऊंचे पर्वतों की चोटियों को फतह कर इतिहास
रचा था.
2. लखपा शेरपा
44 वर्षीय लखपा शेरपा नेपाल की रहने
वाली हैं. शेरपा दुनिया की इकलौती ऐसी महिला
हैं, जिन्होंने एक दो बार नहीं, बल्कि 8 बार माउंट
एवरेस्ट पर फतह किया है. लखपा शेरपा ने साल
2000 में पहली बार एवरेस्ट फतह किया था. हाल
ही में लखपा ने एवरेस्ट पर 8वीं बार चढ़ने का
कीर्तिमान हासिल किया है.
3. बछेंद्री पाल
बछेंद्री पाल के बारे में तो आपने भी सुना
होगा. साल 1984 में उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची
चोटी को छूआ था. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली
प्रथम भारतीय महिला हैं. वे एवरेस्ट की ऊंचाई को
छूने वाली दुनिया की 5वीं महिला पर्वतारोही हैं.
वर्तमान में वो इस्पात कंपनी टाटा स्टील में कार्यरत
हैं. जहां वह चुने हुए लोगों को अभियानों का
प्रशिक्षण देती हैं. बछेंद्री पाल को पद्मा श्री और
अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
4. अरुणिमा सिन्हा
भारत से राष्ट्रीय स्तर की पूर्व वॉलीबॉल
खिलाड़ी हैं और माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली
पहली भारतीय विकलांग हैं. अनुणिमा दुनिया की
पहली विकलांग महिला हैं, जिन्होंने विश्व की सबसे
ऊंची चोटी को छूआ है. 11 अप्रैल, 2011 की एक
घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी. वे पद्मावत
एक्सप्रेस से लखनऊ से नई दिल्ली जा रही थीं कि
बरेली के पास कुछ लुटेरों ने लूटपाट में नाकाम
रहने पर उन्हें चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया. इस
हादसे में अरुणिमा का बायां पैर ट्रेन के पहियों के
नीचे आ गया.
5. पूर्णा
हाल ही में पूर्णा और उनके संघर्ष पर
फिल्म बनाई गई. सबसे कम उम्र में एवरेस्ट फतह
करने वाली वो दुनिया की पहली लड़की हैं. 25 मई
2014 को पहली बार पूर्णा मलावथ ने चोटी को
छूआ.
6. संतोष यादव
90 के दशक में संतोष पहली महिला
बनीं, जो माउंट एवेरेस्ट पर दो बार चढ़ी और
कांगसुंग की ओर से चढ़ने वाली वो पहली महिला
बनीं. संतोष पहली बार मई 1992 में एवरेस्ट फतह
किया. वहीं दूसरी बार मई 1993 में उन्होंने दोबारा
एवरेस्ट की चोटी को छूआ. साल 2000 में उन्हें पद्म
श्री से नवाजा गया.
7. लिडा ब्रैडी
संभव है कि आपने इनका नाम भी न सुना
हो. आपको बता दें कि लिडा दुनिया की पहली
महिला पर्वतारोही थीं, जिन्होंने ऑक्सिजन सपोर्ट के
बिना ही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी का सफर पूरा
किया था. साल 1988 में बिना ऑक्सिजन के ही
उन्होंने एवरेस्ट फतह करने का कीर्तिमान हासिल
किया था. वो न्यूजीलैंड की रहने वाली हैं. उस वक्त
एवरेस्ट चढ़ने वाली लिडा न्यूजीलैंड की सबसे युवा
पर्वतारोही थीं.