यूपीएससी परीक्षा पास कर ज्यादातर युवा IAS बनने का सपना देखते हैं और सोचते हैं कि ये परीक्षा पास करने बाद लाइफ आराम से चलेगी. वहीं आज हम आपको ऐसे IAS ऑफिसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सिविल सर्विसेज का उच्च पद छोड़कर अपना काम करना शुरू किया. आइए जानते हैं ऐसे पांच सिविल सेवक के बारे में जिन्होंने अपने उद्यम शुरू करने के लिए अपने पद छोड़ दिए हैं.
1. डॉक्टर सैयद सबाहत अजीम
2000 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर सैयद सबाहत अजीम ने साल 2010 में Glocal Healthcare Systems शुरू करने के लिए नागरिक सेवाओं को छोड़ दिया था.
उन्हें चिकित्सा में दो दशकों का अनुभव है. आपको बता दें, वह त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में उच्च पदों पर कार्यरत थे. आज उनका स्टार्टअप छोटे कस्बों और गांवों में अस्पतालों की स्थापना करके गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक से अधिक मदद प्रदान करना चाहता है.
(फोटो: Kausik Mandal)
राजन सिंह
2001 में, राजन सिंह को तिरुवनंतपुरम का पुलिस कमीशनर नियुक्त किया गया था. वह इस पद को संभालने वाले सबसे कम उम्र के कमीशनर थे. 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी ने 2005 में सेवा छोड़ दी और पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में एमबीए प्रोग्राम में दाखिला लिया. कुछ सालों के लिए एक वैश्विक कंसल्टेंसी और एक प्राइवेट इक्विटी फर्म में काम करने के बाद उन्होंने ConcepOwl, एक वेबसाइट और एप्लिकेशन के साथ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया. यह टीयर II, टीयर III शहरों और छोटे शहरों के युवा छात्रों को मदद करता है, जो IIT में प्रवेश लेने के लिए महंगे साइंस कोचिंग सेंटर का खर्च नहीं उठा सकते हैं.
प्रवेश शर्मा
34 साल की सेवा के बाद, 1982-बैच के आईएएस अधिकारी प्रवेश शर्मा ने 2016 में रिटायरमेंट लेकर ने सब्जीवाला बनने का ख्याल आया. जहां उन्होंने रिटेल क्षेत्र में एंट्री ली. जिसके बाद उन्होंने "सब्ज़ीवाला" की स्थापना की. जो किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक सीधे ताजे फल और सब्जियां पहुंचाती है.
इस स्टार्टअप का उद्देश्य उपभोक्ताओं और किसानों दोनों को उचित मूल्य सुनिश्चित करना है. सब्ज़ीवाला शुरू करने से पहले, शर्मा को भारतीय कृषि में 18 साल का अनुभव था, जो मध्य प्रदेश सरकार में कृषि सचिव और अंतर्राष्ट्रीय विकास कोष में भारत का प्रतिनिधित्व करते थे.
सरकार में उनकी अंतिम महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छोटे किसानों के कृषि-व्यवसाय कंसोर्टियम (SFAC) के 5 सालों के प्रबंध निदेशक के रूप में थी.
(फोटो: Kausik Mandal)
रोमन सैनी
रोमन ने न केवल 16 साल की उम्र में AIIMS प्रवेश परीक्षा को क्रैक किया था, बल्कि 2013 में 22 साल की उम्र में अपने पहले प्रयास में UPSC की परीक्षा भी पास की थी.
अपने अपने सपने का पूरा करने के लिए उन्होंने सीविल सर्विसेज के पद से 2016 में इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने शिक्षा मिशन Unacademy में ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए इस्तीफा दे दिया था.
बता दें, Unacademy आज भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है. कई सिविल सेवा परीक्षा देने वाले उम्मीदवार यहां से तैयारी करते हैं.
फोटो: Unacademy
विवेक कुलकर्णी
विवेक कुलकर्णी ने सिविल सेवाओं से प्राइवेट सेक्टर में सफल बदलाव किए हैं. वह
1979-बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने 22 साल बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. आईटी और जैव प्रौद्योगिकी सचिव के रूप काम करने के बाद यह उनके लिए जोखिमों से भरा कदम था.
हालांकि, यह वह समय भी था जब भारत की सिलिकॉन वैली यानी बंगलौर की छवि धूमिल होने लगी थी. जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी संगीता कुलकर्णी के साथ Brickwork India की स्थापना की. आज, यह एक विश्व स्तर पर प्रसिद्ध ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग फर्म है जो वैश्विक कंपनियों को सहायक प्रदान करती है.
फोटो: Brickwork India