जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हॉस्टल
की फीस बढ़ने के कारण छात्रों ने विरोध - प्रदर्शन
किया. हालांकि विरोध प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने
फीस पहले जैसी नहीं रखी बल्कि थोड़ी कम कर दी
है. इसी के साथ आपको जानकर हैरानी होगी कि
टॉप 10 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में जेएनयू ही ऐसा विश्वविद्यालय है जिसमें फीस में बढ़ोतरी होने के बाद छात्रों से सबसे ज्यादा हॉस्टल फीस ली जाएगी. जानें- क्या
कहती है रिपोर्ट.
इंडियन एक्सप्रेस की एनालिसिस रिपोर्ट के मुताबिक
देश के टॉप 10 केंद्रीय विश्वविद्यालयों (CUs)
में से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)
में छात्र अब सबसे ज्यादा हॉस्टल फीस का भुगतान
करेंगे.
आपको बता दें, विश्वविद्यालयों के एनालिसिस के
लिए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF)
के आधार पर JNU समेत टॉप 10 विश्वविद्यालयों को चुना
है. इनमें ये 10 विश्वविद्याल शामिल हैं.
JNU समेत टॉप-10 विश्वविद्यालय
1. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) -
2. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
3 हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU)
4 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
5. जामिया मिलिया इस्लामिया
6. दिल्ली विश्वविद्यालय
7. तेजपुर विश्वविद्यालय
8. विश्वभारती विश्वविद्यालय
9. नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (NEHU)
10.पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय
11. हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU)
आपको बता दें, जेएनयू की ओल्ड फीस स्ट्रक्चर
देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय विश्वविद्यालयों (CUs)
में सबसे कम नहीं थी. विश्वभारती विश्वविद्यालय,
HCU, AMU, NEHU और पांडिचेरी
विश्वविद्यालय ने कम फीस ली है.
सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों (CUs) में
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को छोड़कर, सभी
हॉस्टल के लिए कम और ज्यादा समान फीस
स्ट्रक्चर है. डीयू में 20 अलग-अलग हॉस्टल हैं,
जिनमें लगभग 5,500 से 55,500 रुपये तक की
फीस छात्रों से वसूली जाती है. वहीं कुछ डीयू
हॉस्टल को छोड़कर, जेएनयू फीस वृद्धि के बाद,
हॉस्टलर्स से सबसे अधिक फीस वसूलेगा.
जेएनयू ने छात्र चार दशकों के बाद हॉस्टल की
फीस में बढ़ोतरी की थी. जिसके लिए छात्रों ने
विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था. इस विरोध
प्रदर्शन में छात्रों को कहना है कि असल में लड़ाई
सर्विस चार्ज हर महीने 1,700 को लेकर है जिसे
वापस नहीं लिया गया है. इसमें मेंटेनेंस, मेस वर्कर,
कुक और स्वच्छता शामिल है. छात्रों का कहना है
पहले इनके लिए कोई फीस नहीं लगती थी. लेकिन
अब सर्विस चार्ज के लिए हर महीने पैसे देने होंगे.
नए हॉस्टल फीस स्ट्रक्चर के तहत छात्रों को प्रति
महीने 1,700 रुपये देने होंगे.
यहां देखें किसकी कितनी है फीस
1. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) - ओल्ड फीस (सालाना)- 2,740 (सिंगल रूम), 2,620 (डबल), नई फीस- 11,400 (सिंगल रूम), 7,800 (डबल)
2. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)- 3000 रुपये
3 हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU)- 1,850 रुपये.
4 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)- 2,100 रुपये
5. जामिया मिलिया इस्लामिया- 6,750 रुपये
6. दिल्ली विश्वविद्यालय - 5,500 से 55,000 रुपये तक.
7. तेजपुर विश्वविद्यालय - 4,000 रुपये (UG/PG), 6,000 रुपये (रिसर्च के छात्रों के लिए)
8. विश्वभारती विश्वविद्यालय- 2,400 रुपये
9. नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (NEHU)- 1,800 रुपये (UG/PG) 2,520 रुपये (रिसर्च)
10.पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय- 19,00 (PG), 2,800 रुपये (रिसर्च)
11. हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU)- 1,850 रुपये.
आपको बता दें, जहां पहले रूमरेंट (सिंगल) की महीने की फीस 20 रुपये थी उसे बढ़ाकर 600 कर दिया गया था. हालांकि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद 600 रुपये की फीस को 300 कर दिया गया था.
वहीं जहां पहले रूमरेंट (डबल) के लिए प्रति महीने
फीस 10 रुपये थी वहीं इसे बढ़ाकर 300 कर दिया
था. लेकिन बाद में नए फीस स्ट्रक्चर की वजह से
फीस को 150 रुपये कर दिया है.
यही नहीं छात्रों को यूटिलिटी सर्विस चार्जेस
(इलेक्ट्रिसिटी बिल और पानी) के बिल का भी
भुगतान करना होगा. इससे पहले उन्हें इनका
भुगतान नहीं करना होता था. जेएनयू ने नई फीस
स्ट्रक्चर जारी किया है जिसमें जेएनयू की ईसी
बैठक में तय किया गया है कि ईडब्ल्यूएस
(इकोनॉमिक वीकर सेक्शन) यानी निम्न आय वर्ग
परिवारों से आने वाले छात्रों को अलग से आर्थिक
रूप से मदद दी जाएगी.
सभी तस्वीरें- पीटीआई