सर्च इंजन गूगल का आज 21वां जन्मदिन है. इस मौके
पर गूगल ने खुद के लिए बेहद ही प्यारा डूडल
बनाया है. गूगल विदेशी डिजिटल कंपनी है, लेकिन भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि इस कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई भारतीय हैं.
आइए जानते हैं उनके बारे में. कैसे हासिल किया
उन्होंने ये मुकाम और साथ ही जानते हैं कौन हैं गूगल के फाउंडर.
सुंदर पिचाई का जन्म तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में हुआ
था. चेन्नई स्थित जवाहर विद्यालय से पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर में
B.Tech की डिग्री ली. यहां से पढ़ाई कर स्टैनफोर्ड
यूनिवर्सिटी से M.S. किया और बाद में
पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के वार्टन स्कूल से MBA की
डिग्री ली.
वो साल 2004 था जब सुंदर पिचाई ने गूगल में
नौकरी शुरू की. उनकी बतौर प्रोडक्ट मैनेजर नियुक्ति हुई थी. यहां उनका काम गूगल के क्रोम ब्राउजर
और ऑपरेटिंग सिस्टम की टीम को लीड करना था. वे
अच्छे टीम लीडर माने जाते हैं. साथ ही वह बहुत ही
प्रतिभाशाली और क्रिएटिव हैं. साल 2008 में
उन्हें प्रोडक्ट डेलवपमेंट का वाइस प्रेसिंडेट बनाया गया.
जिसके बाद 2015 में उन्हें गूगल का सीईओ बनाया
गया. वह आज गूगल के लिए एक जाना पहचाना चेहरा
बन गए हैं. 15 साल के करियर में सुंदर ने गूगल में कई बदलाव होते हुए देखे हैं.
आपको बता दें, गूगल में नौकरी करने से पहले उन्होंने सॉफ्टवेयर कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स और मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी में इंजीनियर के रूप में भी काम किया है.
बचपन में सुंदर पिचाई चेन्नई के एक मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते थे. एक इंटरव्यू में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि उनकी परवरिश किस तरह से हुई है.
उन्होंने इंटरव्यू में बताया था, 'मेरा जीवन साधारण रहा है. वो दुनिया आज की दुनिया के मुकाबले काफी बेहतर थी. बचपन में मेरा एक मामूली था घर था. जिसे किराए पर भी लगाया गया था. मैं और मेरा परिवार जमीन पर ही सोते थे. उन्होंने बताया हमारे पास फ्रिज नहीं था. दूसरे घरों में रेफ्रिज़रेटर थे, लेकिन बाद में हमारे यहां रेफ्रिजरेटर आया जो मेरे और परिवार के लिए बहुत बड़ी बात थी.'
सुंदर पिचाई की पत्नी का नाम अंजलि है. उन्होंने भी आईआईटी खड़गपुर से पढ़ाई की है. फाइनल ईयर में पिचाई ने उन्हें प्रपोज किया था. जिसके बाद उन्होंने अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड से शादी कर ली. ये शादी रीति-रिवाजों के साथ हुई. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पैसे न होने की वजह से सुंदर पिचाई अंजलि से फोन पर बात नहीं कर पाते थे. खुद सुंदर पिचाई ने बताया था, "पैसे की कमी की वजह से उनकी महीनों तक अंजलि से बात नहीं हो पाती थी, क्योंकि उस समय फोन कॉल बेहद महंगे थे."
अंजलि ने दिया साथ
वो साल 2011 था जब सुंदर पिचाई को ट्विटर से नौकरी का ऑफर आया था. उस समय सुंदर को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें और क्या नहीं. तभी अंजलि ने उन्हें गूगल न छोड़ने की सलाह दी. बता दें, दोनों के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं.
कितनी है सुंदर पिचाई की सैलरी
अमेरिका की वेबसाइट फॉक्स न्यूज के मुताबिक सुंदर पिचाई को साल 2018 में सैलरी और अन्य वेतन भत्ता मिलाकर कुल 1.2 बिलियन डॉलर मिले थे.
कैसे हुई थी गूगल की शुरुआतजनवरी 1996 में गूगल एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था. लैरी पेज और सर्जी ब्रिन (Larry Page and Sergey Brin) ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. दोनों स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया में PhD की पढ़ाई कर रहे थे. गूगल के लिए उसका डोमेन नाम 15 सितंबर 1997 को रजिस्टर हुआ था.