25 दिसंबर,1876 को कराची में जन्मे जिन्ना मुस्लिम लीग के शीर्ष नेता थे. भारत-पाकिस्तान बंटवारे में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है. पर ये भी कहा जाता है कि इस बंटवारे के कुछ साल बाद वे अपने इस फैसले से काफी दुखी रहा करते थे.
वे पेशे से वकील थे और विलायती रहन-सहन के लिए जाने जाते थे. 40 साल की उम्र में उन्हें अपने दोस्त की 16 साल की बेटी से प्यार हो गया था. वो पारसी थी. दोस्त की मंजूरी ना मिलने के बावजदू उन्होंने शादी की.
कायदे आजम के नाम से मशहूर जिन्ना के बारे में कहा जाता है कि वे कट्टर मुस्लिम नहीं थे. वे सेक्युलर माहौल में पले-बढ़े थे.
मुस्लिम होते हुए भी उन्होंने कभी हज यात्रा नहीं की थी. ऐसा कोई प्रमाण अब तक नहीं मिल सका है.
उनकी किसी भी बायोग्राफी में मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने और रोजे रखने की बात का जिक्र नहीं किया गया है.
उनके बारे में ये बात फेमस है कि वो चेन स्मोकर थे. पार्टीज में जाकर शराब भी पी लेते थे.
उन्होंने अपनी पत्नी को कभी बुरका पहनने को मजबूर नहीं किया. बंबई के गवर्नर विलिंगटन ने जब जिन्ना दंपति को खाने पर बुलाया था तब उनकी पत्नी रती भोज में एक लो कट पोशाक पहन कर गईं थीं.