लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा का जन्म तब हुआ जब देश में इमरजेंसी लगी थी. उस समय MISA यानी Maintainance of Internal Security Act लगा था. लालू ने इसी के नाम पर अपनी बेटी का नाम मीसा रखा.
मीसा पहली बार खबरों में तब आईं जब उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज एंड
हॉस्पिटल में MBBS में दाखिला मिला. तब ये आरोप लगे थे कि लालू प्रसाद यादव
ने ये एडमिशन अपनी पहुंच के आधार पर करवाया. मामला तब भी सुखिर्यों में
आया जब मीसा भारती ने एमबीबीएस में टॉप किया.
मीसा तब भी खबरों में रहीं जब 1999 में उन्होंने शैलेष कुमार नाम के
कंप्यूटर इंजीनियर से शादी की थी. उस समय शादी पर हुए खर्च भी विवाद उठा
था.
कुछ समय पहले मीसा ने कहा था कि वे डॉक्टरी की प्रैक्टिस इसलिए नहीं कर सकीं क्योंकि पढ़ाई के बाद उनकी शादी हो गई थी और दोनों के बीच समन्वय बिठाना उनके लिए आसान नहीं होता.
लालू के राजनीतिक विरोधी ये कहते रहे कि मीसा कभी भी पढ़ाई में अच्छी नहीं रहीं. इसलिए उनका टॉप करना संदेह के घेरे में है. बावजूद इसके, टॉपर मीसा ने कभी डॉक्टरी प्रैक्टिस नहीं की.
मीसा भारती सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं. उनके पोस्ट नरेंद्र मोदी सरकार पर हमले से भरे होते हैं. मीसा के मुताबिक राजनीति में वो अपने पिता के कारण नहीं बल्कि अपनी मर्जी से आईं हैं
मीसा बीते दिनों सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर के कारण भी चर्चा में आईं थीं. हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के इंडिया कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वक्ता के रूप में तस्वीर पोस्ट की थी. इसपर यूनिवर्सिटी ने बताया था कि मीसा वहां सिर्फ स्रोता के तौर पर उपस्थित थीं. मीसा ने भी सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया था.
मीसा के तीन बच्चे हैं. दो बेटियां और एक बेटा. बता दें कि राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव अपनी सात बेटियों में सबसे बड़ी मीसा को सबसे ज्यादा लाड करते हैं. इस बात को वे टीवी शो में भी कह चुके हैं, शायद यही वजह है कि लालू ने केंद्र की राजनीति में मीसा भारती को अपने उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया. मीसा को राजद के टिकट से राज्यसभा में भेजा गया.
लालू की बेटी मीसा और उनके पति शैलेश पर आरोप मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर है. मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की छापेमारी की गई है. दरअसल 8000 करोड़ की ब्लैकमनी को व्हाइट कराने के मामले की जांच चल रही है, जिसमें कई लोगों द्वारा शैल कंपनियो के जरिए कालेधन को सफेद करने के आरोप हैं.
मीसा और शैलेश की कंपनी है मिशेल. आरोपों के मुताबिक इसी कंपनी में चार शैल कंपनियों के जरिए पैसा आया था. इसी पैसे से दिल्ली में फार्म हाऊस खरीदा गया था. ईडी इस मामले में शैल कंपनी के मालिक जैन बंधुओं और शैलेश के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुका है. उन्हीं के खुलासे से मीसा के बारे में पता चला था.