किसी भी चीज को करने, सीखने और समझने के लिए जुनून की जरूरत होती है और ऐसा ही कमाल का जुनून देखने को मिला केरल की रहने वाली कार्तियानी अम्मा के अंदर. जिन्होंने 96 साल की उम्र में साक्षरता परीक्षा दी. इस बुजुर्ग महिला ने ना सिर्फ ये परीक्षा दी बल्कि 100 में से 98 नंबर लाकर पहला स्थान भी हासिल किया. आइए जानते हैं इनके बारे में... (फोटो: ANI)
साक्षरता परीक्षा (लिटरेसी परीक्षा) की आयोजन 5 अगस्त को हुआ था जिसमें करीब 42933 लोगों ने हिस्सा लिया था. अम्मा उन्हीं लोगों में से सबसे उम्रदराज महिला थीं. (फोटो: Facebook)
कार्तियानी अम्मा 'चेप्पाड राजकीय एलपी स्कूल' में
परीक्षा में बैठी थीं. पढ़ने-लिखने को प्रेरित इस बुजुर्ग महिला ने 6 महीने
पहले राज्य साक्षरता मिशन के एक कार्यक्रम में नामांकन कराया था. शुरू से
ही उनकी पढ़ने और लिखने में बहुत रुचि थी. (प्रतीकात्मक फोटो)
इस परीक्षा में 100 अंकों के सवाल पूछे गए थे, जिसमें लिखने, पढ़ने और गणित
की समझ की जांच की गई थी.उन्होंने लिखित परीक्षा में 40 में से 38 नंबर हासिल किए हैं, वहीं पढ़ने और गणित पूरे नंबर हासिल किए हैं. बता दें रिजल्ट बुधवार को जारी हुआ था. वहीं इस परीक्षा में कई जेलों के कैदियों ने भी
हिस्सा लिया था. (प्रतीकात्मक फोटो)
अम्मा ने 100 में से 98 अंक लाकर उन सभी लोगों को चौंका दिया जो ये सोचते
हैं कि पढ़ने- लिखने की एक उम्र तय है. उन्होंने 96 साल की उम्र में सभी
को पीछे छोड़ दिया. (प्रतीकात्मक फोटो)
कुल 42,933 ने ये परीक्षा दी. जिसमें SC वर्ग के 8,215, ST वर्ग के 2,882 उम्मीदवार शामिल थे. जिनमें 37,166 उम्मीदवार महिलाएं हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)
बता दें कि केरल सरकार ने 'अक्षरालक्षम साक्षरता मिशन' नाम का अभियान
चलाया था, जिसका उद्देश्य केरल में 100 फीसदी साक्षरता करना है. (प्रतीकात्मक फोटो)
कार्तियानी अम्मा ने साक्षरता परीक्षा में 100 में 98 अंक आने पर वह काफी खुश हैं. 100 साल की उम्र तक उनका लक्ष्य कक्षा 10 को पास करने का है. उन्होेंने कहा वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)