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जानें- कैसे बनते हैं ब्लैक कैट कमांडो? ऐसे होती है ट्रेनिंग

प्रियंका शर्मा
  • 29 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST
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आतंकवाद से लड़ने के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित ब्लैक कैट कमांडो या एनएसजी कमांडो को तैनात किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये ब्लैक कैट कमांडो आखिर बनते कैसे हैं? आपको बता दें, ब्लैक कैट कमांडो बनना इतना आसान नहीं होता. इसके लिए खास ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. आइए जानते हैं- पूरी प्रकिया...


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नेशनल सिक्योरिटी गार्ड, एनएसजी (NSG) को साल 1984 में बनाया गया था. देश में आतंकवाद से निपटने के लिए यहां  कमांडो तैयार किए जाते हैं.

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कमांडोज की ट्रेंनिग बहुत ही कठिन होती है जिसका सबसे बड़ा मकसद यह होता है कि अधिक से अधिक योग्य लोगों का चयन हो सके. ठीक उसी तरह से कमांडोज फोर्स के लिए भी कई चरणों में चुनाव होता है.

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90 दिन की कठिन ट्रेनिंग के पहले भी एक हफ्ते की ऐसी ट्रेनिंग होती है जिसमें 15-20 फीसदी सैनिक अंतिम दौड़ तक पहुंचने में रह जाते हैं. इसमें कमाडों को आग के गोल और गोलियों की बौछारों के बीच ट्रेनिंग दी जाती है.

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 लेकिन इसके बाद जो सैनिक बचते हैं और अगर उन्होंने 90 दिन की ट्रेनिंग कुशलता से पूरी कर ली तो फिर वो देश के सबसे ताकतवर कमांडो में शामिल होने के लायक बन जाते हैं. 

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सभी तरह की ट्रेनिंग होने के बाद ये ये कमांडो सबसे आखिर में मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरते हैं जिसे पास करना अनिवार्य है.

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एनएसजी अब ये विचार कर रहा है कि एसपीजी की तर्ज पर एनएसजी के कमांडो का मनोवैज्ञानिक टेस्ट हो. अभी एनएसजी DRDO के तहत तैयार किये गए मनोवैज्ञानिक टेस्ट के जरिये हर तीन महीने में ट्रेनिंग से पास होने वाले 700 से 1000 कमांडो को गुजारता है. लेकिन देश के प्रधानमंत्री और दूसरे VVIP की सुरक्षा करने वाले एसपीजी कमांडो VIENNA TEST SYSTEM के जरिये कंप्यूटराइज्ड मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरते हैं. इसके जरिए ज्यादा स्टीक नतीजे आने की उम्मीद रहती है.

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यहां से आते हैं कमांडो: एनएसजी का गठन भारत की विभिन्न फोर्सेज से विशिष्ट जवानों को छांटकर किया जाता है.

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एनएसजी में 53 प्रतिशत कमांडो सेना से आते हैं जबकि 47 प्रतिशत कमांडो 4 पैरामिलिट्री फोर्सेज- सीआरपीएफ, आईटीबीपी, आरएएफ और बीएसएफ से आते हैं. इन कमांडोज की अधिकतम कार्य सेवा पांच साल तक होती है.

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बता दें, एनएसजी कमांडो तो हथियार और बिना हथियार दोनों के साथ ट्रेनिंग दी जाती है. एनएसजी कमांडो को ब्लैक कैट कहा जाता है क्योंकि वह हमेशा काले नकाब, काले कपड़े में नजर आते हैं. उनके सिर से लेकर पैर तक कपड़ों का रंग काली ही होता है.

(सभी तस्वीरें फेसबुक, ट्विटर से ली गई है)

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