तनिष्क ने बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, डेविस से अधिकतम अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
केरल से ताल्लुक रखने वाले तनिष्क के माता-पिता केरल से जाकर अमेरिका में बस गए. उनके पित बिजोऊ अब्राहम सॉफ्टवेयर इंजींनियर हैं और मां ताजी अब्राहम वेटेरिनरी डॉक्टर हैं. कमाल की बात ये है कि दब तनिष्क 6 साल के थे तब उन्होंने कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए परमिशन मांगना शुरू कर दिया था.
तनिष्क के भीतर एक कमाल की काबिलियत है. जब उनके माता-पिता ने कॉलेज में एडमिशन के लिए परमिशन दे दी थी. उस वक्त उसके कॉलेज के प्रोफेसर उन्हें अपनी अपमी क्लास में बैठने के लिए अनुमति नहीं देते थे. क्योंकि वह बहुत छोटे थे.
फिर काफी मुश्किल के बाद एक प्रोफेसर तनिष्क को अपनी क्लास में रखने के लिए राजी हो गए जिसके बाद उन्होंने महसूस किया है कि वह उनके अंदर कमाल की जुनून और काबिलियत है.
बता दें, जब उन्होंने मैथ्स, साइंस और फॉरेन लैंग्वेज स्टडी में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की तो तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें बधाई पत्र भेजा था.
बता दें, तनिष्क कोई ट्यूशन नहीं पढ़ा वह अपनी पढ़ाई घर पर ही करते हैं.
तनिष्क ने एक ऐसे डिवाइस का आविष्कार किया है जो जले हुए मरीजों को फायदा पहुंचाएगा. इस डिवाइस का इस्तेमाल से बिना मरीज को छुए हार्ड रेट नाप सकते हैं. तनिष्क का कहना है कि उसे कैंसर के इलाज के लिए नए ट्रीटमेंट की खोज करने में दिलचस्पी है.
जब तनिष्क से पूछा उनकी आगे की क्या प्लानिंग क्या है.. तो उन्होंने कहा- वह पहले ही कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर ली है. अब वह अगले चार से पांच सालों में MD (Doctor of Medicine) हासिल करने की प्लानिंग कर रहे हैं.