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एजुकेशन

ऋतिक रोशन की Super 30 के बाद ऐसे बदल गई आनंद कुमार की जिंदगी

प्रियंका शर्मा
  • 02 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST
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फिल्म "सुपर 30" के बाद रियल लाइफ के आनंद कुमार ने बताया कि कैसे इस फिल्म ने उनकी जिंदगी बदल दी. उन्होंने कहा अब लोग मुझे पहले से ज्यादा जानने लगे हैं. बता दें, आनंद कुमार ने न्यूज एजेंसी 'Reuters' को दिए इंटरव्यू में तमाम सवालों के जवाब दिए. जिसमें उन्होंने फिल्म, जिंदगी और एजुकेशन सिस्टम से जुड़े सवालों पर खुलकर बातचीत की. आइए जानते हैं.

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सवाल- आपने कब "सुपर 30" देखी और फिल्म देखने के बाद आप क्या सोचते हैं?

जवाब- मैंने फिल्म को रिलीज होने से एक दिन पहले देखा था. मुझे फिल्म काफी अच्छी लगी. फिल्म को देखकर लग रहा था कि ऋतिक रोशन मेरी परछाई हैं. मेरे साथ मेरे परिवार ने भी फिल्म देखी. फिल्म को देखकर हम रोए भी. हमने फिल्म का मजा ही नहीं लिया बल्कि पूरी फिल्म को महसूस भी किया.

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सवाल- क्या फिल्म जैसी आपने कल्पना की थी वैसा ही है?

जवाब- मेरे जीवन की कहानी बड़ी है, मुझे यकीन नहीं था कि मेरे जीवन की पूरी कहानी फिल्म में फिट हो जाएगी. लेकिन फिल्म में सभी चीजों को अच्छे से मैनेज किया गया है. वे कई डायलॉग्स और वास्तविक दृश्यों पर काम करने में कामयाब रहे.

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सवाल- फिल्म का कितना हिस्सा सच्ची घटनाओं पर आधारित है?

जवाब- ज्यादातर चीजें सच हैं, लेकिन उन सभी को थोड़ा और नाटकीय बना दिया गया है. जिन हिस्सों में मेरे पिता पर हमला हुआ था, जहां मैं मंत्रियों आदि से मिला था, वे सभी दृश्य सच हैं.

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सवाल- फिल्म की रिलीज के बाद से आपके जीवन में क्या- क्या बदलाव आए?

जवाब- फिल्म रिलीज के बाद काफी बदलाव आए हैं. जहां पहले काफी कम लोग जानते थे. वहीं अब मुझे दुनिया जानती है. पहले केवल वही लोग मुझे जानते थे जो सुपर 30 को फॉलो करते थे. अब कई और लोगों को पता चल गया है कि मैं कौन हूं. मैं हवाई अड्डों, अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रुक गया और लोगों ने मुझे बताया कि उन्हें फिल्म कितनी पसंद है. मैं जो काम कर रहा हूं, उसकी वे तारीफ करते हैं. इससे मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है.

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सवाल- क्या सुपर 30 प्रोग्राम के भविष्य पर इस फिल्म का प्रभाव पड़ेगा?

जवाब- हां, मुझे उम्मीद है. कम से कम पांच राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया है. वहीं दिल्ली सरकार ने मुझे अपने स्कूलों में शिक्षण कार्यक्रम चलाने और आने के लिए कहा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुझे अपने राज्य में आमंत्रित किया है. मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री से मिला और उन्होंने पूछा कि क्या हम वहां सुपर 30 की एक शाखा खोल सकते हैं. फिल्म की वजह से कई सकारात्मक चीजें हो रही हैं. उन्होंने बताया कि फिल्म के आने के बाद बड़ा बदलाव युवाओं में आया है. अपने लक्ष्य के प्रति वह कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं. जैसा कि फिल्म में दिखाया है.

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पहले, ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक अच्छा शिक्षक चाहते थे. लेकिन वह ये नहीं चाहते थे कि उनका बच्चा शिक्षक बनें. वह बच्चों को इंजीनियर या डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन इतने सारे लोगों ने मुझे बताया कि इस फिल्म को देखने के बाद वे चाहते हैं कि उनके बच्चे बड़े होकर शिक्षक बनें. ये एक बहुत बड़ा बदलाव है.

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सवाल- उत्तर भारत में IIT या भारतीय प्रशासनिक सेवा में युवा ज्यादा क्यों जाना चाहते हैं? इसके क्या कारण हैं?


जवाब- बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गुजरात और महाराष्ट्र जैसे पश्चिमी राज्यों की तरह कोई उद्योग, कोई व्यापार और कोई नौकरी नहीं है. "यहां शिक्षा ही खेती है".

वहीं IIT शिक्षा या भारतीय प्रशासनिक सेवा एकमात्र ऐसा जरिया है जो आपको उठा सकती है. आप बिहार को देखें, बाढ़ ने यहां की फसलों को बर्बाद कर दिया है. अगर बाढ़ न हो तो सूखा पड़ता है. इसलिए, शिक्षा ही यहां जीवन है.

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आनंद ने कहा कि फर्क सिर्फ इतना है कि अवसर नहीं हैं. अब लोग अधिक जागरूक हो गए हैं. इससे पहले, एक ड्राइवर अपने मालिक की सेवा करता था और सोचता था कि एक दिन उसके बच्चे को मालिक नौकरी देगा. लेकिन अब, वह ड्राइवर अलग तरह से सोचता है. वह अपने बेटे को बड़ा साहब बनाने के लिए काम करेगा. इससे पहले, जब राजनेताओं वोट मांगते थे, तो वोटर्स अपने बच्चों के लिए नौकरी की भीख मांगते थे. अब, वे बेहतर स्कूलों और बेहतर सुविधाओं के लिए पूछते हैं. उसके बाद ही वोट देते हैं. वे जानते हैं कि शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है. मार्केट में ये नया बदलाव है.

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सवाल- भारतीय शिक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार और व्यवसायीकरण से ग्रस्त है. आप इसे कैसे देखते हैं?

जवाब-  हां, लेकिन यह भी सरकारों की गलती है. सरकारी स्कूलों में शिक्षण और प्रतियोगिता परीक्षाओं के स्तर में इस तरह की कमी है. कोई भी किसी की जगह बैठकर पेपर दे देता है. जो अमीर बच्चे हैं वह अपने तरीके से फायदा उठाते हैं, लेकिन नुकसान गरीब बच्चों को होता है. आप कोचिंग पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते. सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए यह ट्रिक है.

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सवाल- सुपर 30 प्रोग्राम के बाद आगे क्या?

जवाब- मेरे पास एक बड़ा सपना है. मैं उपेक्षित बच्चों के लिए उत्कृष्ट विद्यालय खोलना चाहता हूं. लेकिन इस देश में सबसे महंगी चीज जमीन है. अगर कोई मुझे देता है, तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मैं इस जगह पर स्कूल चलाऊं. मैं सिर्फ IIT पर ध्यान नहीं देना चाहता हूं. कोई भी क्षेत्र, जहां बच्चा पढ़ना चाहता है, मेरी संस्थान उनकी मदद करेगी. मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म मेरे लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी. क्योंकि अब बहुत अधिक लोग मेरी कहानी के बारे में जानते हैं.

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सवाल- "सुपर 30" के के निर्देशक विकास बहल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है. क्या इससे उनके साथ काम करने में आप असहज महसूस कर रहे थे?

जवाब- नहीं, मैंने सोचा था कि समय ही न्याय करेगा. अगर वह दोषी हैं तो यह सामने आ जाएगा. लेकिन उन्होंने फिल्म पर कड़ी मेहनत की है. मेहनत कभी बेकार नहीं जा सकती. जिसके बाद फिल्म रिलीज भी हुई.

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