सबसे क्रूर तानाशाह के नाम से मशहूर एडोल्फ हिटलर की छोटी सी यहूदी लड़की के साथ साल 1933 में एक तस्वीर ली गई थी जो अब सामने आई है. बताया जाता है इस यहूदी बच्ची के साथ हिटलर की अच्छी दोस्ती थी. आइए जानते हैं कौन थी ये बच्ची और क्या है इस तस्वीर के पीछे की पूरी कहानी. (Photo: Alexander Historical Auctions)
सबसे पहले आपको बता दें, साल 1933 में इस तस्वीर को फोटोग्राफर हैनरिक हॉफमैन के कैमरे ने कैद किया. इस बात की जानकारी अमेरिका के मैरीलैंड में स्थित 'अलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शन' ने इस बात का अनुमान लगाया है. (Photo: Alexander Historical Auctions)
अब 85 साल पहले ली गई इस तस्वीर को अमेरिका में
नीलाम कर दिया गया है. इस तस्वीर को अमरीका में
11,520 डॉलर यानी 8,14,176 रुपये में नीलाम कर
दिया गया. (Photo: Alexander Historical Auctions)
हिटलर ने जिस बच्ची के साथ प्यार से फोटो खिंचवाई है
उसका नाम 'रोजा बर्नाइल निनाओ (Rosa
Bernile Nienau) है. (Photo: Alexander Historical Auctions)
जैसा कि फोटो में साफ दिखाई दे रहा है दोनों काफी खुश
दिखाई दे रहे हैं.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार "हिटलर अकसर प्रचार के लिए ही बच्चों के साथ फोटो खिंचवाया करते थे.
कैसे हुई बच्ची से मुलाकात: वो दिन 20 अप्रैल का था. जब
रोजा (यहूदी बच्ची ) अपनी मां के साथ अपने
जन्मदिन पर हिटलर के घर 'बर्गोफ' के बाहर भीड़ के साथ
खड़ी थी. बता दें, जिस दिन बच्ची की जन्मदिन था उसी
दिन हिटलर का भी जन्मदिन था.
'अलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शन' के अनुसार जब हिटलर को
इस बारे में मालूम चला तो उसने रोजा और उनकी मां को
घर के अंदर आने के लिए कहा. ये वही दिन था जब फोटोग्राफर हैनरिक हॉफमैन ने बच्ची के
साथ हिटलर की ये तस्वीर ली.
कुछ समय बाद हिटलर को पता चला रोजा की मां यहूदी
है. इस बारे में पता चलने के बाद हिटलर की दोस्ती रोजा के साथ बरकरार रही. उनकी दोस्ती में किसी भी प्रकार का फर्क नहीं पड़ा था.
बता दें, हिटलर ने ही अपनी और रोजा की तस्वीर अपने
साइन के साथ रोजा को भेजी थी. जिसमें उन्होंने लिखा
था: " डियर रोजा निनाओ, एडोल्फ हिटलर, म्यूनिख, 16
जून, 1933. ".
वहीं तस्वीर को देखने से लग रहा है कि इस पर रोजा ने
लाल और काले रंग के फूल बनाए हैं. (Photo: Alexander Historical Auctions)
वह 1935 और 1938 के बीच कम से कम 17 मौकों पर
हिटलर और उनके सहयोगी विल्हेम ब्रुकनर को लिखती थीं,
जब तक उसे और उसकी विधवा मां को हिटलर के प्राइवेट
सेक्रेटरी ने किसी भी तरह का कॉन्टेक्ट रखने से मना नहीं
कर दिया था. फोटोग्राफर हॉफमैन ने कहा था कि हिटलर
इस बात से कतई खुश नहीं थे.
हॉफमैन ने अपनी किताब 'Hitler Was My
Friend' में लिखा था कि- "ऐसे भी लोग हैं जिनके अंदर मेरी हर खुशी को तबाह करने का हुनर है".
हाफमैन की साल 1955 में किताब पब्लिश हुई थी. इस किताब में हिटलर और रोजा की तस्वीर छपी थी जिसका कैप्शन था- 'Hitler's Sweetheart'.
रोजा और हिटलर का एक दूसरे से बात करना बिल्कुल बंद हो गया था. वहीं अगले साल ही वर्ल्ड वॉर 2 शुरू हो गया था. युद्ध के 6 साल बाद 60 लाख यहूदी मारे जा चुके थे. बता देंं, रोजा का इस युद्ध में 17 साल की उम्र में म्यूनिख में पोलियो की बीमारी से साल 1943 में निधन हो गया था.