हर किसी के झूठ बोलने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं. लेकिन फिर भी कुछ ऐसे लोग होते हैं जो बात-बात पर झूठ का सहारा लेते हैं. आपके वर्कप्लेस से लेकर आपको अपने फ्रेंड सर्कल में कई ऐसे लोग मिलेंगे जो बहुत झूठ बोलते हैं. कई बार इनके झूठ पकड़े जाते हैं तो कई बार ये आसानी से जाते हैं. आज हम आपको ऐसे पांच तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि कहीं सामने वाला व्यक्ति आपसे झूठ तो नहीं बोल रहा.
बोलने के तरीके में बदलाव: एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो व्यक्ति झूठ बोल रहा होगा, उसके बोलने के तरीके में आपको बदलाव देखने को मिलेगा. अगर आपके जान-पहचान का कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है. इस चीज़ को नोटिस करें कि वो आम बोलचाल के वक्त जैसा है क्या वैसे ही बात कर रहा है या उससे अलग बात कर रहा है. कई बार झूठ बोलने वाले लोग अपनी बात को जल्दी-जल्दी कहने लगते हैं. इसलिए अगली बार कोई आपसे कुछ बताए तो उसके बोलने के तरीके पर ध्यान दें.
शब्दों और एक्शन का मेल न खाना: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको लग रहा है कि सामने वाला व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है तो उसके एक्शन और उसके शब्दों पर ध्यान दें. अगर उसके शब्द उसके एक्शन से मेल नहीं खा रहे हैं तो मुमकिन है कि सामने वाला व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है.
उनकी आंखों पर ध्यान दें: अगर कोई व्यक्ति आपसे बात करते वक्त इधर-उधर देख रहा है तो इसका मतलब है कि वो आपसे झूठ बोल रहा है. एक स्टडी में पाया गया कि झूठ बोलते वक्त व्यक्ति अपनी नजरों को दाएं-बाएं करता रहता है. तो अगली बार अगर लगे कि कोई व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है तो उसकी आंखों पर फोकस जरूर करें.
मुंह और आंख को ढकना: अगर कोई व्यक्ति आपसे बात करते वक्त बार-बार अपनी आंख या मुंह को कवर कर रहा है तो मुमकिन है कि वो झूठ बोल रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो झूठ बोलने वाला व्यक्ति अपने रिएक्शन छिपाने की कोशिश करता है इसलिए वो बार-बार अपनी आंख और मुंह को कवर करता है.
असहज होना: अगर कोई व्यक्ति आपसे कोई बात कह रहा है और उस बीच आप उससे कोई सवाल करें तो वो असहज हो जाता है. असहजता का पता आप व्यक्ति के रिएक्शन से लगा सकते हैं. कुछ लोग झूठ बोलते वक्त अपने हाथों को मसलने लगते हैं तो कई लोग अपने नाखूनों की ओर देखने लगते हैं या कई अपने पैर हिलाने लगते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके सवाल से वो घबराते हैं और उसे कवर-अप करने की कोशिश करते हैं.
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