नवादा के रहने वाले रवि राज ने यह दिखा दिया है कि अगर आप ठान ले तो, कितनी भी मुश्किलें हो, आप अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. आंखों से दिखाई न देने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल की है. नवादा के अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव के रहने वाले रवि राज ने परचम लहराया है. उन्होंने न केवल परीक्षा पास कर इतिहास रचा है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि किसी भी बाधा को कड़ी मेहनत से पार किया जा सकता है.
इससे पहले रवि राज ने नवंबर 2024 में बिहार लोक सेवा आयोग की 69वीं सिविल सेवा परीक्षा (BPSC) में हिस्सा लिया था जिसमें उन्हें सफलता मिली थी. इस दौरान उनका सेलेक्शन राजस्व अधिकारी के पद पर हुआ था. जब उन्होंने बीपीएससी का एग्जाम पास किया था, तब तत्कालीन जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने उनके मुलाकात कर सम्मानित किया था. हालांकि, रवि राज ने नौकरी नहीं ज्वाइन की क्योंकि वह IAS अधिकारी बनना चाहते थे. उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार यूपीएससी परीक्षा पास कर ली.
बचपन में ही चली गई थी आंखों की चमक
बता दें कि रवि राज की कहानी बचपन में ही बदल गई थी. लंबी बीमारी के चलते उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी पूरी तरह खो दी है. उनका जन्म एक छोटे से गांव के किसान परिवार में हुआ. लेकिन जहां लोगों को लगा कि अब रवि की जिंदगी में अंधेरा छा गया है, वहीं उनकी मां विभा सिन्हा ने ठान लिया था कि वे अपने बेटे के सपनों की रोशनी को हमेशा जलाकर रखेंगी.
8 से 10 घंटे की मेहनत
रवि राज के पढ़ाई का तरीके बेहद अनोखा था. वे रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे. आंखों की रोशनी न होने के बावजूद उन्होंने डिजिटल टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया. उनके इस सफर में उनकी मां ने बड़ी भूमिका निभाई है.
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