देवरिया से बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने इसमें सामान्य वर्ग के युवाओं को भर्ती में उम्र की सीमा में छूट देने की मांग की है. विधायक ने कहा है कि जो युवा कई सालों से सरकारी भर्तियों की तैयारी कर रहे थे, वे सिर्फ उम्र ज्यादा होने की वजह से अब आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए मानवीय आधार पर उन्हें कम से कम 3 साल की उम्र में छूट मिलनी चाहिए.
भर्ती में देरी के कारण हो रही परेशानी
शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि यूपी पुलिस में सिपाही, पीएसी सिपाही, जेल वार्डर और ऐसे ही अन्य पदों पर हाल ही में भर्तियां निकली हैं. लेकिन सामान्य वर्ग के कई योग्य युवा इन भर्तियों से बाहर हो गए हैं, क्योंकि उनकी उम्र तय सीमा से थोड़ी ज्यादा हो चुकी है. ये युवा सालों से मेहनत कर रहे थे, शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को तैयार कर रहे थे, लेकिन भर्ती में देरी के कारण उनका मौका छिन गया. उन्होंने लिखा कि उम्र की वजह से चयन प्रक्रिया से बाहर होना न सिर्फ युवाओं के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बहुत दुखद है. कई युवा गरीब परिवारों से आते हैं और उन्हें इन भर्तियों से रोजगार की उम्मीद थी.
अखिलेश यादव ने भी किया था छूट की मांग
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी भर्ती की उम्र सीमा में छूट की मांग कर चुके हैं. हालांकि फर्क यह है कि अखिलेश यादव सभी वर्गों के लिए उम्र में छूट चाहते हैं, जबकि शलभ मणि त्रिपाठी सिर्फ सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए यह मांग कर रहे हैं.फिलहाल यूपी पुलिस की भर्ती में सामान्य वर्ग के पुरुषों के लिए उम्र सीमा 18 से 22 साल रखी गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 18 से 27 साल तय की गई है. विधायक ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि अगर 3 साल की उम्र में छूट दी जाती है, तो इससे लाखों युवाओं को न्याय मिलेगा और उनका भविष्य सुरक्षित हो सकेगा.
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