पिता चपरासी... बेटी ने क्रैक किया UPSC एग्जाम, 113वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास 

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से मेहनत से लिखे इतिहास की एक सक्सेस स्टोरी सामने आई है. जहां चपरासी की बेटी शिखा सिंह ने UPSC एग्जाम क्रैक कर 113वीं रैंक हासिल की है. 

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चपरासी की बेटी शिखा सिंह ने UPSC एग्जाम क्रैक कर 113वीं रैंक हासिल की है. (Photo: ITG) चपरासी की बेटी शिखा सिंह ने UPSC एग्जाम क्रैक कर 113वीं रैंक हासिल की है. (Photo: ITG)

मुकुल शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मेहनत, संघर्ष और हौसले की नई मिसाल पेश की है. यहां की बेटी ने सिविल सेवा परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. शिखा एक ऐसे परिवार से आती हैं, जहां सुविधाएं बेहद कम और हौसले बहुत बड़े. उनके पिता चपरासी हैं. शिखा का रिजल्ट देखते उनके परिवार वालों के खुशी का कोई ठिकाना नहीं था. 

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चपरासी की बेटी बनी अधिकारी 

बता दें कि बुलंदशहर में ही एक इंटर कॉलेज में शिखा के पिता चपरासी का काम करते हैं. ऐसे में शिखा का सिविल सेवा परीक्षा पास करना बहुत कठिन था. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी किसी तरह की कमी नहीं होने दी. उनकी शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर के गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज से हुई है. इसके बाद उन्होंने IP कॉलेज से BSC की परीक्षा पास की. 

पहले प्रयास में मिली निराशा 

कॉलेज पूरी करने के बाद से शिखा ने दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. दो साल तैयारी करने के बाद जब उन्होंने पहला अटेम्प्ट दिया तो उन्हें निराशा हाथ लगी. लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की. 

रिजल्ट देख खूब रोए दादा 

पोती को UPSC एग्जाम में मिली सफलता की खबर जब शिखा के दादा को लगी तो, वह फूट-फूटकर रोने लगे. वहीं, शिखा के बड़े भाई ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास कर बहन ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है. उनके माता-पिता अपनी बेटी के सफलता पर गर्व कर रहे हैं. एक बार निराशा हाथ आने के बाद भी शिखा ने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करती रहीं. 
 

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