झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेज राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) ने अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और 24 घंटे के भीतर छात्रावास खाली करने का आदेश दिया है. इस आदेश के खिलाफ गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में छात्र रिम्स प्रशासनिक ब्लॉक में जमा हुए और कहा कि उनकी पढ़ाई बाधित होगी.
रिम्स में सभी स्टूडेंट्स क्यों हुए सस्पेंड?
जन्मदिन की पार्टी के दौरान दो बैच के छात्रों के बीच मारपीट और झड़प के बाद रिम्स प्रशासन ने बैच 2019-22 के सभी छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा है. रिम्स की ओर से बताया गया कारण अनुशासनहीनता का लगातार प्रदर्शन और प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना है. मंगलवार की रात जो कुछ हुआ, उससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है. देर रात सैकड़ों छात्र निदेशक के आवास में घुस गए, सुरक्षा गार्डों के साथ दुर्व्यवहार किया और कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की.
छात्रों ने कहा 150 छात्रों की सजा पूरे कैंपस को क्यों?
छात्रों ने कहा कि सभी बैच में कम से कम 150 छात्र हैं. कुछ ही जिम्मेदार हो सकते हैं. कैसे सभी को निलंबित कर दिया गया है. छात्रों ने पूछा कि मुट्ठी भर छात्रों की करतूतों का खामियाजा उन्हें क्यों भुगतना पड़ेगा. इस बीच छात्र में गुस्सा था और प्रशासनिक भवन के सामने से हटने से इनकार कर दिया. रिम्स प्रशासन के हॉस्टल खाली करने के आदेश के खिलाफ सैकड़ों छात्र सुबह से ही आंदोलन कर रहे थे.
छात्रों की एंट्री के लिए माता-पिता से मांगे ये डॉक्यूमेंट्स
स्टूडेंट्स वेलफेयर के डीन डॉ. शिव ने कहा कि वे बैचों में निलंबन रद्द करेंगे. वापस आने की सूचना संस्था की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी. छात्रों को अपने माता-पिता के साथ वापस आना होगा. माता-पिता को एक एफिडेविट और अंडरटेकिंग देने को कहा जाएगा जिसमें घोषणा की जाएगी कि उनका बच्चा किसी भी उपद्रव में शामिल नहीं होगा और संस्थान के अनुशासन/मानदंडों का पालन करेगा. ऐसा न करने पर उन पर कार्रवाई होगी.
सत्यजीत कुमार