भारत के अलग-अलग हिस्सों से छात्र, शिक्षक और अभिभावक 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के दूसरे एपिसोड को देख रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान उनसे बातचीत कर रहे हैं. यह सत्र परीक्षा के तनाव, प्रभावी सीखने और लाइफ स्किल्स पर केंद्रित है, जिसमें छात्रों की पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास को लेकर उपयोगी सलाह दी जा रही है.
एक छात्र के इस सवाल पर कि 'डिसिप्लिन और इंस्पिरेशन में कौन ज्यादा जरूरी है?, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों की तुलना नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने किसान का उदाहरण देते हुए समझाया कि किसान खेती करने की प्रेरणा तो ले सकता है, लेकिन अगर वह समय पर खेत में न जाए और मेहनत न करे, तो सिर्फ प्रेरणा से परिणाम नहीं मिलता. उनके मुताबिक, समय पर काम, निरंतरता और आत्म-अनुशासन ही प्रेरणा को सार्थक बनाते हैं.
पैशन या पढ़ाई किसे फॉलो करें?
एक छात्र ने पूछा कि मैं अपना पैशन और पढ़ाई दोनों को बैलेंस कैसे करूं? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आप यह क्यों मानते हैं कि ये दोनों अलग चीजें हैं? दोनों उपयोगी हैं. उन्होंने कहा कि अगर आपको आर्ट का शौक है और आप साइंस पढ़ते हैं, तो लैब में केमिकल पर काम करते समय आप नए रंग बनाकर अपना पैशन भी पूरा कर सकते हैं. इस तरह पढ़ाई और पैशन दोनों साथ चलते हैं और यह आपकी थकान भी कम करता है.
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स्टार्ट कैसे करें?
पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले यह तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं. कुछ स्टार्टअप टेक्नोलॉजी में इनोवेशन करना चाहते हैं. किसी को लगता है कि वह ड्रोन बनाए, किसी को लगता है कि बिजली की व्यवस्था सुधारे. अगर आप ऐसे किसी चार लोगों को जानते हों, तो आप उनके साथ स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए 25 साल का होना जरूरी नहीं. अगर आपके पास विचार है तो उम्र मायने नहीं रखती.
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